'तृतीय चरण के डाटा सत्यापन का कार्य शीघ्रता से करें'

तृतीय चरण के डाटा सत्यापन का कार्य शीघ्रता से करें

मुजफ्फरनगर। प्रभारी जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि लघु एवं सीमांत कृषकों के द्वितीय चरण में पात्र किये गये लगभग 13 हजार कृषकों के खाते में धनराशि हस्तान्तरित हो गयी है। उन्होंने बताया कि इन कृषकों को तहसील स्तरीय कैम्प आयोजित कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ऋण मोचन प्रमाण पत्र 6 अक्टूबर को वितरित कराये जायेंगे। प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक/तहसील तृतीय चरण का डाटा सत्यापन का कार्य तेजी के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रथम एवं द्वितीय चरण से बचे अवशेष सभी पात्र किसानोें को तृतीय चरण में लाभान्वित किया जा सके। प्रभारी जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल आज यहां विकास भवन में जिला बैंक समन्वयकों, तहसीलदारों एवं जिला स्तरीय समिति के सदस्यों की बैठक में तृतीय चरण की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना है। सभी अधिकारीगण पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों की हित में कार्य करना सुनिश्चित करें, जिससे शीघ्र पात्र लघु एवं सीमांत किसानों को योजना का लाभ मिल सकें। उन्होंने मृतक किसानों के सिंगल नोमिनी आदि का डाटा भी पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये। प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत जिला स्तरीय नियंत्राण कक्ष एवं तहसील स्तरीय नियंत्राण कक्षों को जो शिकायतें प्राप्त होे, उनका निस्तारण तत्काल करना सुनिश्चित करें। उन्होेंने कहा कि शिकायतों को किसी भी दशा में लम्बित न रखा जाये। उन्होंने कहा कि भू-लेख मैपिंग के सम्बन्ध में जो डाटा शेष हो, वह पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने कहा कि संवेदनशील होकर निरन्तर फीडिंग कार्य चालू रखे और तीसरे चरण के लिए आधार कार्ड पफीडिंग एवं भू-लेख मैपिंग का कार्य तेजी एवं निरन्तरता से पूर्ण करें। उन्होंने सभी बैंक समन्वयकांे को निर्देशित किया कि लिपिकीय त्राुटिवश डाटा, कृषकों द्वारा विभिन्न शाखाओं से एक ही भूमि एवं एक ही फसल पर लिए गये ऋण सम्बन्धी डुप्लीकेसी के प्रकरण का निस्तारण करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अधिकारी वि/रा,उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, एलडीएम, समस्त बैंक समन्वयक आदि उपस्थित रहे।

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