असली कसूरवार तत्कालीन सरकार थीः रावत

असली कसूरवार तत्कालीन सरकार थीः रावत

मुजफ्फरनगर। शहीद हुए आंदोलनकारियों को अपनी श्रद्धाजलि देने आये उत्तराखंड के मुख्यमंत्राी त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड आंदोलनकारियों को इंसाफ अभी तक न मिलने का सबसे कारण है, मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट करना। शहीद उत्तराखण्ड आंदोलनकारियों को कब तक मिलेगा इंसाफ के सवाल पर उन्होंने जवाब में बस इतना ही कहा कि हम इसके प्रति आश्वस्त हैं। उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में 2 अक्टूबर को हर वर्ष की भांति रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्राी सहित सैकड़ों लोग, जिनमे मंत्री अध्किारीगण एवं उत्तराखंड के आंदोलनकारी यहां बने शहीद स्मारक पर श्रद्धाजलि देने आते है। 23 वर्ष बीत गए, लेकिन उत्तराखंड राज्य के लिये आंदोलन करते हुए पुलिस की गोलियों के शिकार हुए व महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार की इस घटना के पीड़ितों को आज भी इंसापफ की दरकार है। 1 अक्टूबर 1994 की रात्रि में जब उत्तर प्रदेश में पहाड़ के लोगांे ने अपने लिए अलग राज्य उत्तराखंड की मांग को लेकर आंदोलन चलाया हुआ था। इसी मांग को लेकर देहरादून, पौड़ी गढ़वाल व गैरसैंण आदि कई शहरों के आंदोलनकारी बसों में सवार होकर उस रात दिल्ली जा रहे थे, वहां उन्हें प्रदर्शन कर अपनी मांग भारत सरकार के सामने रखनी थी, लेकिन उनको रामपुर तिराहे पर ही रोक लिया और उनसे कहा गया कि अगले आदेश तक उन्हें यही रुकना पड़ेगा। रात्रि में घने जंगल में रोकने पर आंदोलनकारियों ने विरोध किया, तो उन पर पुलिस ने लाठीचार्ज और गोलियां चला दीं। आज उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुजफ्फरनगर पहंुच कर शहीद आंदोलनकारियों को याद किया व मंच से बोलते हुए बडे़ दुखी मन से कई किस्सों को सांझा करते हुए कांग्रेस व उस दौरान की सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वह अपनी छोटे से दौरे में द्वारकापुरी स्थित डा. पुनित गर्ग के यहां पर भी गये। जहां पर वह भाजपा के स्थानीय नेताओं से भी मिले।

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