फर्जी शौचालय मामले में प्रधान व सचिव से होगी तीन लाख की रिकवरी

फर्जी शौचालय मामले में प्रधान व सचिव से होगी तीन लाख की रिकवरी

मुजफ्फरनगर। भारत सरकार के खुले में शौच मुक्त अभियान को जनपद के कई गांवों के प्रधान व सचिव चूना लगा रहे हैं। एक जांच मंे जनपद में 500 शौचालय पफर्जी पाये गये। जिसके चलते प्रशासन की ओर से संबंधित ग्राम प्रधान व सचिव के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए उनसे तीन लाख की रिकवरी के आदेश जारी किये गये हैं। इस प्रकरण में प्रशासन की ओर से रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश भी दिये गये हैं। जिसके चलते इस संबंध में तैयारी चल रही है।
खुले में शौच मुक्त अभियान को लेकर कंेद्र व प्रदेश की सरकारें वर्तमान समय में काफी गंभीर नजर आ रही हैं। जनपद में 56 हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके चलते इसके सापेक्ष अभी तक लगभग 50 प्रतिशत ही कार्य किया गया है। जिन घरों में शोैचालय नहीं हैं, वहां पर शौचालयों के निर्माण कार्य जारी हैं। गांव में लाभार्थी को 12 हजार रूपये शौचालय निर्माण के लिए दिये जा रहे हैं। पहली किश्त के रूप में 25 हजार से अधिक ग्रामीणों के खातों में प्रथम किश्त के रूप में छह-छह हजार रूपये जारी किये गये हैं। जो शौचालय बनाये गये हैं। उनके ओडीएपफ के लिए बीते दिनों में एक जांच की गयी थी। इस जांच में 500 शौचालय पफर्जी पाये गये। बड़ी संख्या में ऐसे मामले प्रकाश में आये। जहां पहले से ही शौचालय थे और सरकार की ओर से जारी योजना का लाभ अर्थात धन को गलत तरीके से आहरित कर लिया गया। बघरा ब्लॉक के गांव लालूखेड़ी में इस प्रकार के आठ शौचालय मिले। जहां पहले से बने शौचालयों पर स्वच्छ भारत मिशन अंकित कराकर सरकारी योजना मंे शामिल होकर धन को अपने खातों में जमा कराया गया। सभी ब्लॉकों से आयी रिपोर्ट में ऐसे 500 मामले अर्थात पफर्जी शौचालय के मामले प्रकाश में आने पर प्रशासन की ओर से संबंधित ग्राम प्रधान व सचिव के विरूद्ध कार्यवाही के आदेश दिये गये हैं। इस संबंध मंे जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार का कहना था कि फर्जी पाये गये शौचालयों के संबंध में रिकवरी के आदेश दिये गये हैं। संबंधित आरोपियों से तीन लाख की रिकवरी होगी। अभी पहली किश्त ही जारी की गयी है। इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। उच्चाधिकारियों से आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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