गलत शिक्षा से रखी जा रही भविष्य की नींव...बेसिक शिक्षा परिषद की कक्षा एक की पुस्तक मंे भारी त्राुटि

गलत शिक्षा से रखी जा रही भविष्य की नींव...बेसिक शिक्षा परिषद की कक्षा एक की पुस्तक मंे भारी त्राुटि

मुजफ्फरनगर। आप भले ही यही जानते हैं कि अंग्रेजी वर्णमाला में आई, जे, के, एल के बाद एम, एन, ओ, पी आता है, लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद की कक्षा एक की पाठ्य पुस्तक 'कलरव' में ऐसा नहीं है। अब वह बच्चों को आई, जे, के, एल के बाद क्यू, आर, एस, टी पढ़ाया जाएगा, उसके बाद एम, एन, ओ, पी उन्हें पढ़ना होगा। कलरव के पेज नंबर 99 पर आई, जे, के, एल, जबकि पेज 100 पर क्यू, आर, एस, टी छपा है, जबकि इस पर एम, एन, ओ, पी होना चाहिए। एम, एन, ओ, पी पेज नंबर 101 पर छपा है। प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों में मुफ्रत बांटी गई पाठ्य पुस्तकों के लिए शासन स्तर से शिक्षा विभाग के द्वारा आठ प्रकाशकों को ठेका दिया गया था। इनमें से एक प्रकाशक की कक्षा एक की पुस्तक 'कलरव' में अंग्रेजी वर्णमाला का यही क्रम अंकित है। यह गड़बड़ी बच्चों ने पकड़ी है। जब देश का भविष्य कहे जाने वाले युवाआंे की बचपन की नींव ही गलत शिक्षा पर रखी जाएगी, तो वह आगे जाकर क्या बनेंगे। यह एक सोचनीय प्रश्न है।
निःशुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा उत्तर प्रदेश राज्य पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2013 के तहत प्राथमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम का पुनरीक्षण व विकास किया गया है। इसका मकसद सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को सरल, सहज, रुचिपूर्ण व सुगम बनाना है। इस कार्य में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली, क्षेत्राीय शिक्षा संस्थान अजमेर व भोपाल के विषय विशेषज्ञों की सहायता ली गई। पिफलहाल पाठ्य पुस्तक में अंग्रेजी वर्णमाला में क्रम गलत हो जाने से सवाल तो खड़े हो ही गए हैं। सवाल के साथ-साथ समस्या भी खड़ी हो गई है कि इस पुस्तक से बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए और उन्हें कैसे समझाया जाए।
जनपदभर के प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर प्रकाशकों के द्वारा पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन किया है, जो कि शिक्षा सत्रा 2017-2018 के लिए है। शिक्षकों का कहना है कि जो बच्चे अभी एबीसीडी सीख रहे हैं, उन पर इस गड़बड़ी का बुरा असर पड़ेगा। यह गंभीर त्राुटि है।
इस पाठ्य पुस्तक को 20 शिक्षकों की टीम ने लिखा और संपादित किया है। इस टीम में नीलम मिश्र, डा. अवनीश यादव, सुदर्शन यादव, सुमन कुमार सिंह, अरुणा यादव, डा. इंदू सिंह, रवींद्र प्रताप सिंह, अहिबरन सिंह, डा. कुलदीप तिवारी, संजय यादव, अवध नारायण पांडेय, डा. शीला सिंह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, सोनिया चौहान, मृणाल मिश्र, डा. संध्या सिंह, अंशिका यादव, डा. असमत नीलो अंसारी, शमा परवीन व सोनम पांडेय शामिल हैं।
कलरव का प्रकाशन 8 पब्लिशर्स द्वारा कराया गया है। अभी तक मैंने पांच पब्लिशर की किताब को चेक किया है। इसमें गड़बड़ी नहीं है। बाकी पब्लिशर की किताब शीघ्र चेक हो जाएंगी। अगर ऐसा है तो यह गंभीर त्राुटि है। इसकी जांच कराई जाएगी और जो दोषी होगा, उसके खिलापफ कार्रवाई होगी। यह कहना था डा. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह शिक्षा निदेशक बेसिक एवं अध्यक्ष उप्र. बेसिक शिक्षा परिषद। इस संबंध मंे जनपद के शिक्षाधिकारियों का कहना था कि जनपद में इस प्रकार की पुस्तकों को चिन्हित करके बच्चांेे को शिक्षकों के द्व़ारा सही पठाया जाएगा।

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