हर्षोल्लास के साथ मनाया दशहरे का पर्व

हर्षोल्लास के साथ मनाया दशहरे का पर्व

मुजफ्फरनगर। नगर में अनेक स्थानों पर असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक पर्व दशहरा धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नागरिकों ने दशहरे को मनानेे के साथ ही भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने व लक्ष्मण-भरत के त्याग व भाई के प्रति भाई के प्यार को जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर सभी कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया। साथ ही भगवान श्रीराम का राजतिलक भी किया गया। इस मौके पर अनेक वक्ताओं के द्वारा राम के आदर्शों को आज भी प्रासंगिक बताया गया। सभी का मानना था कि श्रीराम के आदर्शों पर चलकर की जीवन को सफलता के मार्ग पर अग्रसर किया जा सकता है। इसके साथ ही रामलीला का समापन भी हो गया।
दशहरे का पर्व नगर में हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर नगर में अनेक स्थानों पर बुराई के प्रतीक रावण व उसके भाई कुंभकर्ण सहित उसके पुत्र मेघनाद का दहन किया गया। इसी कड़ी में गांधी कालोनी में श्री पुरूषार्थी सनातन धर्म रामलीला सभा की ओर से आयोजित रामलीला के अंतिम दिन शाम के समय सर्वप्रथम रथयात्रा के प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य अतिथि प्रसि( उद्योगपति व समाजसेवी आलोक स्वरूप, दैनिक रॉयल बुलेटिन के प्रधान संपादक अनिल रॉयल, प्रणव स्वरूप, चुन्नीलाल सुनेजा को हरीश छाबड़ा, सुदेश बक्शी, वीरेंद्र अरोरा, देवराज अरोरा, पवन अरोरा, प्रवीण भाटिया के द्वारा पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि उद्योगपति व समाजसेवी आलोक स्वरूप, दैनिक रॉयल बुलेटिन के प्रधान संपादक अनिल रॉयल, प्रणव स्वरूप आदि के द्वारा भगवान श्रीराम व लक्ष्मण की आरती उतारी गयी। इसके उपरांत रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।
भगवान श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण व हनुमान सहित रथ पर विराजमान हुए। जिसके बाद रथ लंका की ओर प्रस्थान कर गया। रथयात्रा में आकर्षक धुन बजाते हुए बैंड भी शामिल रहे। मुख्य अतिथि रथयात्रा के आगे-आगे चले। रथयात्रा का अनेक स्थानोें पर व अतिथियों का भी भव्य स्वागत पफूल मालाओं के साथ किया गया। इसके बाद रथयात्रा एसडी कन्या पाठशाला इंटर कालेज, गांधी कालोनी, मुजफ्फरनगर पहुंची। जहंा पर सभी अतिथियों के द्वारा पफीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जहां पर मुख्य अतिथि उद्योगपति व समाजसेवी आलोक स्वरूप, दैनिक रॉयल बुलेटिन के प्रधान संपादक अनिल रॉयल, प्रणव स्वरूप आदि के द्वारा दशहरा पूजन किया गया। इसके उपरांत भगवान श्रीराम व रावण की सेना में भयंकर युद्ध हुआ। इसके साथ ही राम व रावण के मध्य भी भीषण युद्ध हुआ। जिसमें बुराई का प्रतीक रावण राम के हाथों मारा गया। जिसके बाद युद्धस्थल पर जय श्रीराम का उद्घोष गुंजायमान हो गया। बाद में भगवान राम, सीमा व लक्ष्मण की सभी अतिथियों के द्वारा आरती उतारी गयी। इस मौके पर दैनिक रॉयल बुलेटिन के प्रधान संपादक अनिल रॉयल ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि यह असत्य पर सत्य की जीत का पर्व है। उन्होंने रावण की अस्थियों को अपने घर ले जा रहे लोगों से अनुरोध किया कि वह अपने जीवन में राम के आदर्शों, लक्ष्मण के त्याग व भरत बलिदान सहित चारों भाइयों को एक दूसरे के प्रति जो प्यार था, उसे अपने जीवन में अपनाये। इससे जीवन धन्य हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि माता लक्ष्मी की कृपा आप सभी पर बनी रहे, यही उनकी कामना है। राम के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। इसके बाद कार्यक्रम का समापन हो गया।
बाद में लीला स्थल पर जाकर सभी कलाकारों को पुरस्कृत किया गया। राम का राज्यभिषेक के बाद लीला का पूर्णतया समापन हो गया। व्यवस्था बनाने में अध्यक्ष सुदेश बक्शी, सचिव विनोद छाबड़ा, भगवानदास, देवराज अरोरा, हरिकिशन गुलाटी, चुन्नीलाल सुखेजा, वीरेंद्र अरोरा, हरीश अरोरा, सुदर्शन वत्स, घनश्याम रल्हन, प्रवीण भाटिया, किशोर दुआ, भवानी मलिक, घनश्याम ढींगरा, ओमप्रकाश मलिक, प्रेमी छाबड़ा, ओमप्रकाश पफुटेला, सरदार तरणजीत सिंह, अमित महेंद्रू, मदन छाबडा, अमित पटपटिया, जगदीश बिंद्रा, पवन अरोरा, अमरनाथ अरोरा, जगदीश अरोरा, सन्नी कपूर, राकेश कुमार, राजेश कुमार, अवनीश चौहान, राजेंद्र साहनी, मुकुल दुआ आदि शामिल रहे। इसके अलावा नगर में पटेलनगर, नई मंडी, आवास विकास कालोनी;प्रथम बारद्ध, नुमाईश मैदान, रामलीला टिल्ला सहित इंदिरा कालोनी में भी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा मनाया गया तथा रावण सहित कुंभकर्ण व मेघनाथ का दहन किया गया। नुमाईश मैदान में जिलाध्किारी जीएस प्रियदर्शी ने रिमोट के द्वारा रावण दहन किया। एक ओर जहां नगरवासियों के द्वारा बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया गया। वहीं दूसरी ओर उन्होंने राम के आदर्शांे को जीवन में अपनाने व स्वच्छता का सकंल्प भी लिया।

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