हर्षोल्लास के साथ मना असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व....राम के आदर्शों को अपनाने से होगा कल्याण: अनिल रॉयल

हर्षोल्लास के साथ मना असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व....राम के आदर्शों को अपनाने से होगा कल्याण: अनिल रॉयल

मुजफ्फरनगर। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयदशमी पर्व आज जनपद भर में परम्परागत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतले भी दहन किये गये। जनपद में नगर के अलावा कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में भी दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया।
गांधी कालोनी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के सामने श्री पुरूषार्थी सनातन धर्म रामलीला सभा द्वारा आयोजित दशहरा पर्व कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उद्योगपति व समाजसेवी आलोक स्वरूप रहे। इस अवसर पर 'दैनिक रॉयल बुलेटिनÓ के प्रधान सम्पादक अनिल रॉयल ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक दशहरा पर्व पर हमें जहां यह संकल्प लेना है कि हम अपने भीतर के अवगुणों पर गुणों को विजयी बनायेंगे, वहीं शांति और सौहार्द की स्थापना करने में भी सहयोग देंगे। उन्होंने कहा कि अपने अन्दर की दस बुराईयों का हरण करना ही दशहरा पर्व का असली मतलब है। उन्होंने समाज के अन्दर फैली बुराईयों को समाप्त करने में भी
सभी को एकजुटता से सहयोग करने तथा अच्छाईयों को उभारने में अपना शत प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लक्ष्मण व भरत का त्याग और श्रीराम के आदर्श यदि जीवन में थोडे भी अपना लें तो जीवन सफल हो जायेगा। श्री रॉयल ने कहा कि श्री रामलीला मंचन कर सभी कलाकार एक पीढी से दूसरी पीढी तक इस परम्परा को जीवित रखने में अपना सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने दुनिया में फैले आतंकवाद पर चोट करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और इससे सभी को मिलकर लडना होगा। उन्होंने कहा कि हम दशहरा पर्व को केवल एक दिन मनाते हैं, जबकि हमें मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम के आचरण को अपनाने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर श्री पुरूषार्थी सनातन धर्म रामलीला सभा के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि अनिल रॉयल का माल्यार्पण व पगडी पहनाकर स्वागत किया। श्री रॉयल ने श्रीराम परिवार की आरती उतारकर शोभा यात्रा का शुभारम्भ किया। यहां से श्रीराम परिवार के साथ श्री रॉयल भी रथ पर सवार होकर एसडी गल्र्स इंटर कालेज के मैदान पर पहुंचे, जहां पर उन्होंने व अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम का फीता काटकर शुभारम्भ किया। इसके पश्चात उन्होंने दशहरा पूजा किया, जिसके उपरान्त राम व रावण की सेना में भीषण युद्ध हुआ। अंत में प्रभु श्रीराम द्वारा रावण का अंत कर दिया गया, जिसके उपरांत रावण, कुम्भकरण व मेघनाद के पुतलों का दहन किया। इस अवसर पर एसडी इंटर कालेज के मैदान व बाहर लगाये गये मेले में सैंकडों अस्थायी दुकानें लगाई गई थी, जिन पर हजारों लोगों की भारी भीड उमडी। इसके साथ ही नगर में नुमाईश कैम्प, कच्ची सडक इन्द्रा कालोनी, रामलीला टिल्ला, नई मंडी पटेलनगर, नई मंडी कोतवाली के निकट सहित कस्बों व देहात क्षेत्रों में भी पुतले दहन किये गये।

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