मुजफ्फरनगर: महिला ने मां व पुत्री के साथ किया थाने में हंगामा, पति को गिरफ्तार करने की मांग

मुजफ्फरनगर। अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर एक विवाहिता का शारीरिक व मानसिक उत्पीडन करने के बाद उसकी दुधमुंही बच्ची समेत उसे घर से मारपीट कर निकालने के आरोपी पति को गिरफ्तार न कर हल्की धाराओं में मुकदमे की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने के विरोध में विवाहिता व उसकी विधवा मां ने महिला थाने में जमकर हंगामा किया और पुलिस पर रिश्वत लेकर केस को हल्का करने का आरोप लगाया। विवाहिता व उसकी विधवा मां के आरोपों को पुलिस ने सिरे से नकार दिया और पूरी जांच पडताल के बाद ही चार्जशीट दाखिल करने की बात कही।
जानकारी के अनुसार सिविल लाईन थानाक्षेत्र के मौहल्ला आर्यपुरी निवासी टीना उर्फ शिवानी पुत्री स्व. सर्वेश ने आज अपनी दूधमुंही बच्ची व विधवा मां निर्मला चौधरी के साथ महिला थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। टीना उर्फ शिवानी ने बताया कि उसकी शादी 4 फरवरी 2013 को बडौत कोतवाली क्षेत्र के गांव गढी जोहडी निवासी गौरव पुत्र राजवीर सिंह के साथ हुई थी। शादी के समय उसके परिजनों ने हैसियत से अधिक दान-दहेज दिया था। गौरव जयपुर में अपने बहनोई के मैडिकल स्टोर पर रहता है। टीना उर्फ शिवानी ने बताया कि शादी में मिले दहेज से उसके ससुराल वाले खुश नहीं थे और उस पर अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर दबाव बनाया जाने लगा। उसने बताया कि उसके पिता की 20 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है और उसकी मां ने ही जैसे-तैसे करके उसकी शादी की है। इसी कारण वह अतिरिक्त दहेज लाने की स्थिति में नहीं थी। अतिरिक्त दहेज की मां को लेकर उसका लगातार शारीरिक व मानसिक उत्पीडन होता रहा। पीडिता ने आरोप लगाया कि उसके पति गौरव, ससुर राजवीर, सास चन्द्रबाला उर्फ मुन्नी, ननद शालिनी आदि ने अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी दूधमुंही पुत्री परी उर्फ गौरवी समेत मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। उसने आरोप लगाया कि उसका पति गौरव अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर उसके साथ बिना उसकी इच्छा के अप्राकृतिक गुदा मैथुन व मुख मैथुन करता था। इस घटना की रिपोर्ट थाना सिविल लाईन में दर्ज करायी गयी। महिला थाना पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 128/2016 धारा 498, 330, 506, 377 आईपीसी व 3/4 दहेज अधिनियम में दर्ज किया था। घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसके 164 सीआरपीसी के बयान भी कलमबद्ध हो चुके हैं। विवेचना के दौरान उसके पति गौरव ने गुमराह करते हुए उसे कहा कि उसके भरण-पोषण के लिये एकमुश्त 10 लाख रूपये दे देंगे और तलाक ले लेंगे। सहमति के बाद पांच लाख रूपये गौरव व राजवीर द्वारा बिचौलिये के पास 18 अगस्त 2017 को रख दिये थे, जो आज भी बिचौलिये के पास ही रखे हुए है। उसके पति ने फैसले के लिये शपथपत्र देने को कहा, जिससे धारा 377 आईपीसी कट जायेगी और बाकी पांच लाख रूपये 22 अगस्त को देने की बात कही। इस बात पर विश्वास करते हुए उसने व उसकी मां श्रीमति निर्मला चौधरी ने शपथपत्र इन्हें सौंप दिया, जिसे उक्त लोगों ने थाने पहुंचा दिया। इसके बाद जो नकद रकम 22 अगस्त को मिलनी थी, वह अब तक भी नहीं दी गई। इसके बाद जब वह महिला थानाध्यक्ष से मिली, तो उसे कार्यवाही का आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो पायी है। उसने बताया कि विगत 27 सितम्बर को महिला थानाध्यक्ष को एसएसपी ने भी गौरव को गिरफ्तार करने के आदेश दिये थे, लेकिन इस मुकदमे की विवेचक एसआई निधि चौधरी ने एसएसपी के आदेशों को भी दरकिनार कर दिया और मुकदमे में 20 सितम्बर को चार्जशीट लगाकर फाईल सीओ ऑफिस पहुंचा दी। एसआई निधि चौधरी की पोस्टिंग भी वर्तमान में महिला थाने से नई मण्डी कोतवाली में हो चुकी है। पीडिता टीना उर्फ शिवानी व उसकी मां निर्मला चौधरी ने पुलिस पर साज खाकर मुकदमे को हल्का करने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की है कि गौरव के विरूद्ध धारा 498ए, 323, 506, 377 आईपीसी व 3/4 दहेज प्रतिषेद्ध अधिनियम में मुकदमा दर्ज है, इसलिए उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाये। महिला थाने में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। एसओ मीनाक्षी शर्मा ने सभी आरोपों को नकारते हुए उचित कार्यवाही का आश्वासन देकर मामला शान्त कराया।

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