चेयरमैन की कार्यप्रणाली का शासन ने मांगा प्रमाण

चेयरमैन की कार्यप्रणाली का शासन ने मांगा प्रमाण

मुजफ्फरनगर। नगर पालिका मुजफ्फरनगर के निवर्तमान चेयरमैन पंकज अग्रवाल का चरित्र प्रमाण पत्र शासन द्वारा मांगा गया है। वह ईमानदार हैं या भ्रष्ट, इस संबंध में शासन ने जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। 15 अक्टूबर तक जवाब भेजना है। जिलाधिकारी ने पालिका प्रशासन से इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। पंकज अग्रवाल का कार्यकाल विपक्षी खेमे के विरोध् के कारण कापफी चर्चाआंें में रहा। विकास के मामले में उन्होंने शहर में कई ऐतिहासिक कार्य किये। इसके बावजूद भी शासन ने उनको गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामले में हाईकोर्ट में चल रही जांच का हवाला देकर तीन अप्रैल 2017 को बर्खास्त कर दिया था। भाजपा सरकार में हुई कार्यवाही से राजनीति गलियारों में खलबली मच गई थी। सामाजिक कार्यकर्ता मोै. खालिद ने करीब दो-तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्राी और नगर विकास के प्रमुख सचिव से पालिकाध्यक्ष के विरुद्ध शिकायत की थी। पालिकाध्यक्ष पर आरोप था कि उन्होंने अपने ममेरे भाई अनिल सिंघल को पालिका में ठेके देकर अनुचित लाभ दिया। दूसरा आरोप यह था कि पालिका बोर्ड के जिन प्रस्तावों पर मंडलायुक्त ने रोक लगाई, उन्हें पूरा कराकर उनका भुगतान भी कर दिया गया। पालिकाध्यक्ष को एक लाख रुपये तक के निर्माण कार्य करने का अध्किार होते हुए भी पांच से छह लाख तक के कार्य कराए गए। एसटीपी प्लांट का संचालन एक ही ठेकेदार को देकर लाभान्वित किया गया। शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं होने पर खालिद ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने शासन को कार्यवाही के आदेश दिए। 12 अक्टूबर 2015 से शिकायतें लगातार जारी थीं। प्रदेश में सत्ता बदलते ही नगर विधयक द्वारा कुछ विधयकों के साथ नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव से मिलकर पालिकाध्यक्ष के विरुद्ध कार्यवाही के लिए दबाव बनाया गया। तत्कालीन जिलाधिकारी डीके सिंह की रिपोर्ट के आधर पर शासन ने चेयरमैन पंकज अग्रवाल को बर्खास्त कर दिया था। अब इस मामले में शासन पर अन्याय करने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की गयी शिकायत पर जिला प्रशासन से चेयरमैन पंकज अग्रवाल को लेकर रिपोर्ट मांगी गयी है। अभिषेक अग्रवाल नामक व्यक्ति ने मुख्यमंत्राी के व्हाटसएप नम्बर पर आठ अपै्रल 2017 को शिकायत की थी कि शासन ने चेयरमैन पंकज अग्रवाल के अध्किार सीज कर व उनको बर्खास्त कर अन्याय किया है, इसमें भ्रष्ट राजनीतिज्ञ की साजिश बताते हुए कहा गया कि पंकज अग्रवाल ने उस दौरान जीत हासिल की, जबकि एंटी कांग्रेस लहर थी। पंकज अग्रवाल को जिले की प्रसिद्ध औद्योगिक फेमिली से होने के कारण बहुत ईमानदार बताते हुए सीएम योगी से अभिषेक ने ईमानदारी से जांच कराकर उनके खिलाफ रची गई साजिश का पर्दाजश कराने और सच उजागर करने की मांग की थी। यह शिकायत नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग में लंबित रही है। अब शासन ने इस पर डीएम से जवाब मांगा है। डीएम को 15 अक्टूबर तक जवाब देना है। डीएम ने इसके लिए पालिका प्रशासन से जवाब तलब किया है।

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