पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे ठेकेदार

पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे ठेकेदार

मुजफ्फरनगर। निर्माण कार्यों से जुड़े सभी विभागों में एस्टीमेट के साथ ही जीएसटी जोड़ने की कवायद के बावजूद भी नगरपालिका में जीएसटी का फंडा यक्ष प्रश्न बनने, टैंडरों के एग्रीमेंट नहीं होने और छह महीने से कार्यों का भुगतान नहीं करने के साथ ही पांच साल की गारंटी लागू करने के विरोध् में नगरपालिका के पंजीकृत ठेकेदारों ने अब पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए तीन अक्टूबर को बड़ी मीटिंग का ऐलान कर दिया गया है।
मंगलवार को ठेकेदार नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी विकास सैन से मिलने पहुंचे, लेकिन उनका यह दूसरा प्रयास भी सफल नहीं हो पाया। वह सोमवार को भी ईओ के समक्ष अपनी समस्याओं को रखने के लिए गये थे। वहां ईओ उपस्थित ही नहीं मिले। ईओ के नहीं मिलने पर ठेकेदारों ने पालिका परिसर में ही बैठक कर पालिका प्रशासन के रवैये पर रोष जताया। ठेकेदार आदेश त्यागी ने बताया कि जनपद में लोक निर्माण विभाग, विकास प्राध्किरण, जिला पंचायत सहित अन्य सभी निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों ने विभागीय कार्यों के लिए तैयार एस्टीमेट में जीएसटी की 12 प्रतिशत दर को जोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन पालिका प्रशासन ने इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की। बिना जीएसटी के ही एस्टीमेट तैयार किये जा रहे हैं, जिससे ठेकेदारों में पशोपेश की स्थिति बनी है। इसके अलावा जुलाई माह में निकाले गये निर्माण कार्यों के टैंडर के एग्रीमेंट अभी तक नहीं कराये गये हैं। इन टैंडरों को 26 जुलाई को डाला गया था, इसके करीब 20-22 दिन बाद टैंडर खुल पाये और अब एग्रीमेंट लटका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की नीति के मुताबिक ठेकेदारों से पांच साल की गारंटी लागू कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि ये ठेकेदारों का उत्पीड़न है और इस नीति से उनका भुगतान पांच साल तक लटक जायेगा। ठेकेदारों ने कहा कि पालिका प्रशासन से मार्च के बाद से किसी भी कार्य के लिए भुगतान नहीं किया है। कई बार ईओ से भुगतान की डिमांड की गयी, लेकिन वह सकारात्मक रवैया नहीं अपना रहे हैं। भुगतान नहीं होने से ठेकेदारों के समक्ष आर्थिक संकट बनने के साथ ही वह मानसिक रूप से भी परेशान हो रहे हैं।
आदेश त्यागी ने बताया कि इस मीटिंग में निर्णय लिया गया है कि ठेकेदार एसोसिएशन के बैनर तले पालिका प्रशासन के रवैये के विरुद्ध तीन अक्टूबर को प्रातः 11 बजे पालिका सभाकक्ष में बड़ी मीटिंग आयोजित की जायेगी। इसमें पालिका के सभी ठेकेदोरों को बुलाया गया है। पालिका में 110 ठेकेदार पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि इस बैठक में पालिका प्रशासन द्वारा हाल ही में निकाले गये टैंडरों का बहिष्कार करने के साथ ही आगामी आंदोलन की रणनीति पर विचार विमर्श किया जायेगा।

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