तेंदुए के हमले में एक दर्जन ग्रामीण घायल, किसानों में दहशत का माहौल बना

मीरापुर। मीरापुर क्षेत्र के ग्राम भुम्मा व खेडी के जंगल में तेंदुआ दिखायी देने से खेत में काम करने वाले किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है। तेंदुए ने पिछले दो दिनों में दो बच्चियों समेत करीब एक दर्जन ग्रामीणों पर हमला कर गम्भीर रूप से घायल कर दिया है। ग्रामीण अपने खेतों पर अकेले कार्य करने जाने से घबरा रहे हैं, साथ ही अन्धेरा होते ही ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं।
पिछले करीब बीस दिनों से मीरापुर के आसपास के जंगल डिगडेहरा व ग्राम भुम्मा व खेडी के जंगल में ग्रामीणों द्वारा जंगल में तेंदुआ होने की बात बतायी जा रही थी। कुछ दिन पूर्व जंगल में तेंदुए के पंजों के निशान भी देखे गये थे, जिनकों वन विभाग ने जांच के लिये प्रयोगशाला भेजा था, किन्तु उस समय वन विभाग स्पष्ट रूप से क्षेत्रा में तेंदुए की मौजूदगी की बात नहीं बता रहा था। रविवार की देर रात्रि ग्राम भुम्मा व खेडी में गांव के बाहरी छौर पर बने मौहल्लों में तेंदुआ दिखायी दिया तथा तेंदुए ने दोनो गांवों में दो बच्चियों समेत करीब एक दर्जन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। ग्राम खेडी निवासी युवक नीतू पुत्र ज्ञानेन्द्र पर रविवार की शाम तेंदुए ने अचानक उस समय हमला कर दिया, जब वह अपने घर के निकट टहल रहा था। तेंदुए ने हमले में नीटू की उंगली काट ली तथा उसके शरीर पर कई जगह हमला कर फाड दिया, इसके अलावा इसी गांव के अंकित पुत्र सुखपाल, मिट्ठू पुत्र मनोज, मोहित पुत्र कालू तथा ग्राम भुम्मा में इरफान की पुत्री मुनमुन तथा चमन की पुत्री आरती व धर्मेन्द्र उपर्फ गुड्डू, प्रमोद पुत्र श्रीराम व पप्पू पुत्र लूहता पर भी रात्रि में तेंदुए ने हमला कर उन्हे घायल कर दिया। इसके अलावा भुम्मा निवासी ग्रामीण बिजेन्द्र की घर के बाहर बंधी कटिया को भी तेंदुए ने पफाड डाला। तेंदुए द्वारा ग्रामीणों पर हमला कर घायल करने के बाद से ग्रामीणों में दहशत फैल गयी तथा ग्रामीण अपने खेतों पर अकेले कार्य करने जाने से घबरा रहे हैं, साथ ही अन्धेरा होते ही ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी एसके बंसल का कहना है कि उन्हे कुछ दिन पूर्व तेंदुआ होने की सूचना मिली थी, उस दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त की थी, किन्तु तेंदुआ नहीं दिखायी दिया था, अब उन्हें किसी ने भी तेंदुए द्वारा ग्रामीणों पर हमला करने की सूचना नहीं दी है, यदि सूचना मिलती है, तो जंगल में पिंजरा लगवाकर तेंदुए को पकड लिया जायेगा।

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