सर्वेक्षण व पाण्डुलिपि तैयार करने की अवधि तीन अक्टूबर तक

सर्वेक्षण व पाण्डुलिपि तैयार करने की अवधि तीन अक्टूबर तक

मुजफ्फरनगर। अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह ने कहा कि ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच की अवधि 26 सितम्बर से 3 अक्टूबर 2017 तक राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित की गयी है। उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर गणना, सर्वेक्षण तथा पाण्डुलिपि तैयार करने की अवधि 11 सितम्बर से 3 अक्टूबर तक निर्धारित की गयी है। उन्होंने कहा कि उक्त कार्य मंे उदासीनता न बरती जाये और समस्त कार्य आयोग के निर्देशों के क्रम मंे समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण कर ली जाये। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट नामावलियों की कम्प्यूटरीकृत पाण्डुलिपि तैयार करने की अवधि 4 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक निर्धारित है।
अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह आज यहां कलैक्ट्रेट सभागार में नगर निकाय निर्वाचक नामांवली के संक्षिप्त पुनरीक्षण के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट के रूप में प्रकाशित निर्वाचक नामावली का निरीक्षण, दांवे एवं आपत्तियां प्राप्त करना तथा दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक निर्धारित की गयी है। अपर जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि वे यह भी दिखवा ले बनाये गये बूथों पर मूलभूत सुविधायें पीने का पानी, बिजली, रैम्प, फर्नीचर आदि उपलब्ध है या नहीं। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि जिस भवन में बूथ बनाया गया है, वह जर्जर एवं जीर्ण-शीर्ण अवस्था मंे न हो।
अपर जिलाधिकारी वि/रा ने कहा कि जो वोटर चले गये है अथवा जिनका डीलिशन होना था वह हुआ है, या नहीं अथवा जो नये परिवार आये है, उनका नाम जुडा है, आपके पास कारण होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई नया परिवार आ गया है, तो उसका नाम जोडा जाना है और यदि को मृतक हुआ है, तो उसका नाम हटाया जाना है। उन्होंने कहा कि मौहल्ले के सम्भ्रान्त लोगों से भी जानकारी कर ली जाये। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि एक बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं होने चाहिए।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत वार्डो की कुल संख्या 190 है, जिनमें 155 मतदान केन्द्र होंगे। पुनरीक्षण कार्य में 522 बीएलओ कार्य कर रहे है। बैठक में समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, बीडीओ आदि उपस्थित रहे।

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