टीईटी के साथ गुरूजी देंगे भर्ती को लिखित परीक्षा

टीईटी के साथ गुरूजी देंगे भर्ती को लिखित परीक्षा

मुजफ्फरनगर। अब प्राईमरी स्कूलों में अध्यापन का कार्य करने के इच्छुक गुरूजी के लिए बच्चों को शिक्षा देना इतना आसान नहीं होगा। उन्हें इसके लिए अब टीईटी परीक्षा के साथ ही लिखित परीक्षा से भी गुजरना होगा। इसके लिए पांच सितंबर को राज्य सरकार की ओर से आयोजित कैबिनेट की बैठक में बेसिक शिक्षा ;अध्यापकद्ध सेवा नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया गया मंजूरी के लिए। जिसके लगभग मंजूर होने के सौ प्रतिशत आसार बताए जा रहे हैं।
अब प्राईमरी स्कूलों में भी शिक्षकों की भर्ती लिखित परीक्षा से हो सकती है। बेसिक शिक्षा विभाग इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर केन्द्र से लेकर राज्य सरकार गंभीर है। शिक्षकों के ज्ञान पर भी जब-तब सवाल उठने से विभाग की शुचिता पर सवाल उठने लगे हैं। मीडिया व सोशल मीडिया में भी प्राईमरी स्कूलों के शिक्षकों का ज्ञान अक्सर हंसी का पात्रा बनता रहा है। ऐसे में विभाग शिक्षक भर्ती की ऐसी प्रक्रिया बनाना चाहता है कि बुनियादी शिक्षा में योग्य शिक्षक नियुक्त हों। ताकि इनके अध्यापन की छत्राछाया में अच्छे विद्यार्थी निकल कर सामने आ सकें।
बीते दिनों प्रदेश सरकार सरकारी इंटर कालेजों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती लिखित परीक्षा से होने का निर्णय ले चुकी है। एलटी ग्रेड भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से करवाई जाएगी। वहीं माध्यमिक स्तर के सहायता प्राप्त स्कूलों में भी अभी तक शिक्षक की भर्ती लिखित परीक्षा व साक्षात्कार से होती आयी है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग भी शिक्षक भर्ती की इसी प्रक्रिया को अपनाने पर विचार कर रहा है। जिसे सूत्रों द्वारा एक सकारात्मक कदम बताया जा रहा है।
अभी तक प्राईमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती मेरिट से होती आयी है। इसमें हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व प्रशिक्षण की लिखित परीक्षा व प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों से शैक्षिक गुणांक निकाला जाता है और पिफर इसी आधार पर मेरिट तैयार की जाती है। हालांकि बीते सालों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक टीईटी मेरिट से व 1.30 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन किया गया था।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अब लिखित परीक्षा भी देनी होगी। शिक्षकों की भर्ती के लिए तैयार की जाने वाली मेरिट में अभ्यर्थियों के शैक्षिक गुणांक के अलावा लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों को भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए उप्र बेसिक शिक्षा ;अध्यापकद्ध सेवा नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव है। उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट से मंजूर कराने की तैयारी है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को शिक्षक बनने के लिए लिखित परीक्षा की अग्निपरीक्षा से भी गुजरना होगा।
शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद पहली से आठवीं कक्षा तक के शिक्षकों की भर्ती के लिए अध्यापक पात्राता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य कर दी गई है। परिषदीय विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थी का स्नातक व बीटीसी योग्यताधारी होना जरूरी है। शैक्षिक गुणांक अभ्यर्थी के हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व स्नातक के अलावा बीटीसी प्रशिक्षण में प्राप्त अंकों पर तैयार किया जाता है। सरकार ने राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती को लिखित परीक्षा आयोजित करने का पफैसला किया है।

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