पचैंडा खुर्द में शौचालय निर्माण में धांधली, ग्रामीणों का प्रदर्शन

पचैंडा खुर्द में शौचालय निर्माण में धांधली, ग्रामीणों का प्रदर्शन

मुजफ्फरनगर। शनिवार को ग्राम पचैंडा खुर्द निवासी सैंकड़ों ग्रामीण पुरुष-महिलाएं कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन ग्रामीणों ने एडीएम-एफ सुनील कुमार सिंह को दिया। दिये गये ज्ञापन में ग्रामीणों ने शौचालय निर्माण में धांधली और पात्रों के खातों में आयी धनराशि को निकालकर उसकी बंदरबांट करने के आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम प्रधान धर्मवीर सिंह पचैंडा खुर्द में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शौचालय निर्माण में धांधली करने पर उतारू है। दो हिस्सों में सरकार शौचालय निर्माण के लिए ग्रामीण अंचलों में 12 हजार रुपये की सहायता दे रही है। आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव दोनों मिलकर सरकार की इस योजना को पलीता लगाने पर तुले हैं। कुछ पात्र ग्रामीणों के खातों में आयी धनराशि भी प्रधान निकलवाकर हड़प कर गया है। 15 सितम्बर को गांव में कुछ अधिकारी व कर्मचारी भी निरीक्षण करने के लिए गये। आरोप है कि ग्रामीणों की बात सुनने के बजाये वह प्रधान से मिल कर व औपचारिकता पूरी कर वापस लौट गये। आरोप है कि प्रधान ने 46 लोगों के राशन कार्ड निरस्त करा दिये। अपने खास व्यक्तियों को ही प्रधान लाभ पहुंचाने में जुटा है। प्रधान के व्यवहार से अधिकांश ग्रामीण दुखी हैं। धर्मवीर का छोटा पुत्र पवन उर्फ कल्लू सपफाई कर्मचारी के पद पर तैनात है। पवन ने महिलाओं से जबरन अंगूठा लगवाना शुरू कर दिया, कागज पर लिखा था कि हमें शौचालय नहीं बनवाना है। पवन स्वयं सफाई कार्य नहीं करता है। ग्रामीणों ने गांव में शौचालय निर्माण की जांच कराकर प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। प्रदर्शन में मुख्य रूप से सोनू, समरपाल, चमन कोरी, शेर सिंह, अमरेश कोरी, रविंद्र, सोहराज, प्रेेेम,रहतू, खेमचंद, विकास, देवीचंद, सत्यप्रकाश, प्रदीप, बिट्टू, अरविंद, विपिन, श्यामो, कृष्णा, कुलवीर, मुन्नी, राजबाला, कुसुम, सुशील कुमार, जयवीर सिंह, समन्दर पाल, रमेश कुमार, भंवर सिंह, फूलवती, नगीनी देवी, सुदेश आदि सैंकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।

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