पूनम हत्याकांडः दस दिन बाद प्रशासन को आयी सुध

पूनम हत्याकांडः दस दिन बाद प्रशासन को आयी सुध

मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को आखिरकार दस दिन बाद बरला के पूनम हत्याकांड मंे आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे कश्यप समाज के लोगों की सुध प्रशासन को आ ही गयी। जिस पर कश्यप समाज की ओर से दो ज्ञापन एक राज्यपाल व दूसरा राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को दिया गया। जिलाधिकारी से मिलने को गये नेताओं को लेकर जिलाधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट के रूखे व्यवहार के चलते भारतीय अखंड पार्टी के एक नेता का पारा चढ़ गया। जिसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर व परिसर से बाहर नेता की सिटी मजिस्ट्रेट से जमकर बहसबाजी हुई। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन से इस मामले में मुआवजे व कार्यवाही का हीलाहवाली भरा आश्वासन मिलने के चलते धरना दे रहे लोगों ने मुआवजा व आरोपी की गिरफ्तारी होने तक धरना जारी रखने का निर्णय लिया। बरला निवासी पूनम पत्नी पवन कश्यप के मामले में जिला प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही न होने पर शुक्रवार को कश्यप समाज के लगभग 15 गांव के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, जिसमें कुतुबपुर, मांडला, बधाई खुर्द, बधाई कलां, नंगला, बरला, खुलासी, रूहालकी, लिब्बरहेड़ी, अलावलपुर, चरथावल, कुटेसरा, दूधली, कसौली, दल्लावाला शामिल हैं। कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या मंे लोगों के एकत्र होने पर इस मामले मंे प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टूटी। जिस पर कश्यप समाज की ओर से मामले में कार्यवाही करने को लेकर दो ज्ञापन एक राज्यपाल के नाम व दूसरा राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन के अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को दिया गया। जिसमें परिवार को 20 लाख का मुआवजा, आरोपी की गिरफ्तारी व धारा 376डी की वृद्धि की मांग की गयी है।
जिस पर जिलाधिकारी ने दो व्यक्तियों को वार्ता के लिए बुलाया। जिसमंे कश्यप समाज आरक्षण संघर्ष मोर्चा के संयोजक मोतीराम व भारतीय अखंड पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. दिनेश पुंडीर गये। जहां पर दिनेश पुंडीर ने पीड़ित परिवार को जिलाधिकारी के कोटे से 20 लाख का मुआवजा देने की बात रखी। जिस पर जिलाधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट के द्वारा दिये गये रूखे जवाब से दिनेश पंुडीर असंतुष्ट होकर बाहर आ गये। जहां पर उनकी सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा से बहसबाजी हुई, जो कि होते-होते कार्यालय परिसर से बाहर तक आ गयी। किसी प्रकार से मामले को शांत किया गया। इस पर ठा. दिनेश पुंडीर का कहना था कि उन्होंने किसी प्रकार की नेेतागिरी नहीं की, उन्होंने तो एक पीड़ित परिवार के हक की आवाज उठायी है, जो कि किसी भी लिहाज से गलत नहीं है।
वहीं दूसरी ओर प्रशासन से मिले कानूनी प्रक्रिया के तहत मुआवजे व कार्यवाही के आश्वासन को लेकर धरना दे रहे लोगों को कहना था कि जब तक 20 लाख के मुआवजे की घोषणा तथा आरोपी की गिरफ्रतारी नहीं हो जाती, उनका धरना जारी रहेगा। आज के धरने का संचालन सलेकचंद एड. ने किया तथा अध्यक्षता सतपाल कश्यप द्वारा की गयी। धरने पर सतपाल कश्यप, मांगेराम, बसंतराम, जसवीर, सुलेखचंद, राजेश, अशोक, प्रमोद, अरविंद, मोतीराम, वेदपाल, मुवासी, राजू, विनोद, गुरूजी, विरम, सतपाल, राकेश, नन्नू, ब्रजपाल, सुभाष, संजय, नीटू, श्रवण, अमित, रमेश, योगेश, लोकेश, रामशरण, शकुंतला, छोटी, मूर्ति, बबीता, अनिता, सुशीला, बबली, संजोग आदि शामिल रहे।

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