अवैध सब्जी मण्डियां बनी प्रशासन का सिरदर्द

अवैध सब्जी मण्डियां बनी प्रशासन का सिरदर्द

मुजफ्फरनगर। शहर में अतिक्रमण और अवैध् कब्जे हटवाने की बात और अभियान गाहे बगाहे नगरवासियों को देखने और भुगतने को मिल जाता है, जिस शिद्दत से शासन के निर्देशों पर पिछले दिनों शहर में अतिक्रमण हटा, उसका लोगों में अभी तक भी असर है, लेकिन पिछले दस सालों से शहर से दो अवैध् मंडियों को हटाने का मामला अफसरों और प्रशासन के सिर का दर्द बना हुआ है। मुख्यमंत्राी तक निर्देश ठेंगे पर रख दिये गये, केंद्रीय के प्रयास भी बेअसर साबित हुआ। अब पुलिस ने भी इन मंडियों को हटाने से हाथ खींच लिये हैं और मामला नगर पालिका परिषद् के पाले में आ पड़ा है।
शहर में ईदगाह के सामने और चुुंगी नंबर दो के पास रामलीला टिल्ला मार्ग पर प्रतिदिन सब्जी मंडी लगती है। इन दोनों मंडियों को अवैध् बताकर सपा नेताओं अतुल शर्मा और विरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू ठाकुर ने जिला प्रशासन को शिकायत की थी। बात नहीं बनने पर सपा नेताओं ने तत्कालीन मु0 अखिलेश यादव को शिकायत भेजी, तो 1 मार्च 2016 में मुख्यमंत्राी की ओर से प्रशासन से जवाब मांगते हुए समस्या समाधन कराने के निर्देश जारी किये थे। इस पर कृषि उत्पादन मंडी समिति सचिव ने जांच कराई, मंडी निरीक्षक अरविन्द कुमार ने अवैध् सब्जी मंडी का स्थलीय निरीक्षण कर उसको अपनी रिपोर्ट में वैध् ठहरा दिया था। इसमें मंडी निरीक्षक ने कहा कि मंडी में पफुटकर विक्रेता अल्प समय के लिए सीध्े उपभोक्ता से व्यापार करते हैं, यह व्यापार मंडी अध्निियम के प्राविधान अनुसार अवैध् नहीं है। इसी प्रकरण में मंडी समिति सचिव ने 13 अपै्रल 2016 को जो रिपोर्ट प्रेषित की, उसमें कुछ ओर ही बात सामने आयी। इसमें कहा गया कि पिछले 9, 10 वर्षों से चुंगी नंबर दो के पास अवैध् सब्जी मंडी को हटाने के प्रयास चल रहे हैं। साल 2012 में भी यह मुद्दा उठा और इस मंडी को अन्यंत्र स्थापित करने के लिए डीएम ने आदेश दिये, इसके लिए शामली रोड पर हाठ पैठ बनाने के लिए उपजिलाधिकारी सदर व मंडी समिति को भूमि तलाशने को कहा गया, लेकिन अभी तक भी भूमि नहीं मिल पायी है। इस मामले में नया मोड़ ईदगाह सब्जी मंडी का भी जुड़ गया। अपै्रल 2017 को केंद्रीय जल संसाध्न मंत्राी डा. संजीव बालियान ने तत्कालीन डीएम डीके सिंह को पत्र लिखा, इसमें ईदगाह रोड के कुछ निवासियों ने उनसे मिलकर मंडी हटवाने की बात कही थी। ये जिन्न बोतल से बाहर आया। तत्कालीन एडीएम-ई मनोज सिंह ने डीएम के निर्देशों का हवाला देते हुए मंडी समिति सचिव को जांच कर मंडी हटवाने को कहा। नगर मजिस्ट्रेट को भी कार्यवाही के लिए लिखा गया। यहां से मामला नगरपालिका जा पहुंचा। इस प्रकरण में शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित किया गया, तो उन्होंने जांच कराई। 15 अपै्रल 2017 को एसआई प्रहलाद सिंह ने नगर मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट दी, इसमें 20-25 वर्षों से कायम ईदगाह सब्जी मंडी हटवाने के लिए टीम गठित किये जाने की बात कही गयी, वहीं 3 जून 17 को कोतवाली के दूसरे एसआई चन्द्रसैन ने अपनी जांच में नया मोड ला दिया। दरोगा ने पुलिस स्तर से ये दोनों अवैध सब्जी मंडिया हटवाने को ही असंभव बना दिया। पुलिस के हाथ खड़े करने के बाद अब यह प्रकरण पालिका प्रशासन के पाले में है।

Share it
Top