हादसे को दावत दे रहा निरगाजनी झाल पर बना पुल...यातायात बाधित होने से लोगों को हो रही भारी असुविधा

हादसे को दावत दे रहा निरगाजनी झाल पर बना पुल...यातायात बाधित होने से लोगों को हो रही भारी असुविधा

भोपा। थाना भोपा क्षेत्र के ग्राम निरगाजनी के पास स्थित गंगनहर झाल पर निर्मित 158 वर्ष पुराना पुल भारी वाहन के चलते क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के बीच हुए हॉल से पुल खतरे में आ गया है, जिसके चलते पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बन्द कर दिया गया है, जिसके चलते शुक्रताल मोरना-भोकरहेडी रहमतपुर, सिकन्दरपुर, गडवाडा, सीकरी, बसेडा, बरला व देवबंद जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आगामी गन्ना पेराई सत्रा में क्षेत्रा के किसान खाइखेडी, लिब्बरहेडी, देवबंद शुगर मिल में गन्ने कि सप्लाई इसी मार्ग द्वारा होनी है, जिसके चलते ग्रामीणों ने पुल कि शीघ्र मरम्मत कि मांग की है। ब्रिटिश काल में गंगनहर पर बने पुल अब दम तोड़ रहे हैं, जिसके चलते क्षेत्रा के अन्य पुलों को भी बन्द किया जा चुका है। क्षेत्रा की जीवन रेखा बने इस पुल से प्रतिदिन हजारों मालवाहक वाहनों के अलावा अन्य वाहन गुजरते हैं तथा बड़े स्तर पर लकड़ियों का निर्यात ट्रैक्टर ट्राली के द्वारा हरियाणा राज्य को किया जाता है। शुक्रवार देर शाम लकड़ियों से भरा ट्रैक्टर ट्राला पुल से गुजर रहा था, तभी अचानक ब्रेक लेने से ट्राले का पहिया पुल में धंसने लगा, जिससे पुल के मध्य में एक बड़ा हॉल हो गया ग्रामीणों कि सूचना पर पहुँची थाना भोपा पुलिस ने पुल से भारी वाहनों का आवागमन बन्द कर दिया। 6 वर्ष पूर्व जौली गगंनहर का पुल भी इसी लापरवाही के चलते अचानक भरभरा कर टूट गया था। उसी समय प्रशासन ने 150 साल पुराने पुलों के रख-रखाव की बात करते हुये 18 पुलों के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर इन पुलों के लिए 33 करोड़ रुपये की मांग की थी और बेलड़ा व निरगाजनी झाल के पुलों को देखते हुए दोनों पुलों के दोनों ओर बोर्ड लगवा दिये थे, जिन पर लिखा था पुल क्षतिग्रस्त है, भारीवाहनो पर प्रतिबंध है, मगर ये सब दिखावे के लिए ही लिखा गया था, क्योंकि पुलों की कोई मरम्मत नहीं की गयी। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि निरगाजनी झाल के पुल से भारी वाहन को गुजरने के एवज में पुलिस भी अपनी जेब को गर्म कर रही थी।

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