विकास कार्यों में शिथिलता नहीं होगी बर्दाश्तः डीएम...योजनाओं का लाभ समाज के पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये

विकास कार्यों में शिथिलता नहीं होगी बर्दाश्तः डीएम...योजनाओं का लाभ समाज के पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाये

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने आज विकास भवन सभागार में आयोजित विकास कार्यो की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यो में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी शासन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पात्र व्यक्तियों तक पहुंचायें। उन्होंने कहा कि जनपद में किये जा रहे विकास/निर्माण कार्यो का निरीक्षण स्वंय भी करें और थर्ड पार्टी निरीक्षण कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्य समय सीमा के अन्तर्गत तथा मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराये। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये कि सभी विभाग यह भी सुनिश्चित कर लें कि उनकी जमीन पर कही अवैध कब्जे और अतिक्रमण न हो, यदि कहीं अवैध कब्जे की शिकायत है, तो उसे तुरन्त हटवाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि दूर दराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिले और संस्थागत प्रसवों को बढावा दिया जाये।
जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज यहां विकास भवन सभागार मंे विकास कार्यो की समीक्षा कर रही थे। उन्होंने कहा कि गत प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी जनपद मुजफ्फरनगर द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा सड़कों को गड्ढामुक्त करने एवं लक्षित मार्गाें के निर्माण की समीक्षा की। उन्होंने कांवड यात्रा पटरी मार्ग के कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनपदीय समस्त अधिकारी अपने विभागीय आदेशानुसार निर्धारित कार्यो का निरीक्षण करें और निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी को भी प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि किसी विभाग की भूमि पर भू-माफियों द्वारा यदि कब्जा है, तो उसे तत्काल हटाया जाये और सरकार की मंशा के अनुरूप सरकारी जमीन, ग्राम समाज की भूमि, चकरोड, चरागाह एवं तालाब आदि पर अवैध कब्जा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कही कब्जे की शिकायत है, तो एफआईआर दर्ज कराकर प्रभावी कार्यवाही अमल में लाई जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि नहरों में टैल तक पानी पहंुचना चाहिये। उन्होंने कहा कि सारे नालों की सफाई न होने के कारण सोलानी नदी में बाढ आती है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से पैसे की मांग करायी जाये और कार्य कराये जाये। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग जो नाले अनलिस्टिड है, उन्होंने अपने मुख्यालय स्तर से लिस्टिड कराये और उनकी भी सफाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर की आबादी के बीच में जो नहर की पटरियां है, उन पर सड़क बनाने हेतु आगणन कर प्रस्ताव भिजवाये। जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिये कि किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान यथाशीघ्र कराया जाये। अभी किसानों का गन्ना मूल्य का 108 करोड की धनराशि अवशेष है। उन्हांेने गन्ना सोसायटी के कार्यो की भी समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गन्ना सोसायटियों का आधुनिकी करण किया जाये। जिला गन्ना अधिकारी ने अगवत कराया कि 1 लाख 95 हजार किसानों को पोर्टल पर जोडा जा रहा है। उन्होंने चीनी मिल चलनें पर किसानों के गन्ने की पफसल की क्षति के मुआवजे के बारे में भी जानकारी दी। जिलाधिकारी ने भैंसाना चीनी मिल शीरे को प्रतिबन्धित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा किसानों के मृदा परीक्षण कार्ड के जांच रिजल्ट जिला गन्ना अधिकारी को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस के सम्बन्ध में निर्देश दिये कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की क्रॉस चैकिंग करा ली जाये। उन्होंने चकबंदी वादांे के निस्तारण पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिये कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध ढंग से करना सुनिश्चित किया जाये और कोई भी शिकायत लंबित न रखी जाये।
जिलाधिकारी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सभी जरूरतमंदों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सभी आधुनिकतम मशीने एवं योग्य चिकित्सक उपलब्ध है। उन्होंने 102/108 एम्बुलंेस सेवाओं के उपयोग की समीक्षा की और सीएमओ को निर्देश दिये कि प्रत्येक कॉल अटेंड करायी जाये और जरूरतमन्दों को इन सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्राप्त कॉल और निस्पादित कॉल में अन्तर नहीं होना चाहिए। जिलाधिकारी ने अन्धता निवारण, बाल स्वास्थ्य एव टीकाकरण कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि जनपद मंे अल्ट्रासाउण्ड सैंटरों पर लिंग परीक्षण नहीं होने चाहिए। उन्होने ऐसे सैन्टरों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाये जाने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिये। उन्होंने चश्मा वितरण के लिए एआरटीओ को निर्देश दिये कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उनकी मांग के अनुसार मानक पूरे करने वाली परमिट टैक्सी उपलब्ध कराने के लिए सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्रसवोंपरान्त ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के खाते में 1400 रूपये एवं शहरी क्षेत्रा की महिलाओं के खाते में 1000 रूपये भेजा जाना सुनिश्चित कराया जाये। उन्हांेने आशाओं के भुगतान शतप्रतिशत कराये जाने के भी निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिये। इसी प्रकार उन्होने समीक्षा में पाया कि विटामिन ए ड्रोप पिलाने का प्रतिशत स्टेट एवरेज से कम है, इसमें सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अधूरे निर्माण कार्यो को पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण कार्याे की धीमी गति पर कडी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिये कि विकास कार्यो की शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि अगर विकास कार्यो में किसी भी प्रकार की शिथिलता मिली, तो सम्बन्धित अधिकारी कडी कार्यवाही के लिए तैयार रहे। उन्होने सभी विभागों में ई-टेडरिंग कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि समस्त अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि अब 1 लाख रूपयें से अधिक के कार्य साधारण टैंडर से न हेाकर 1 सितम्बर से ई-टेण्डरिंग के माध्यम से कराये जायेंगे। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुरूप विभाग अपनी समिति का गठन करना सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कस्तूरबा गांधी की लडकियों को घुडसवारी तथा अन्य संस्थानों के भ्रमण कराया जाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों से अपेेक्षा की कि वे समय निकाल कर स्कूलों मे जाये और एक घण्टा बच्चों को पढायें। उन्होंने जिला स्तरीय मिड-डे-मील समिति की बैठक कराये जाने के भी निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त अन्य निर्माण कार्यो की भी समीक्षा की। जिलाधिकारी ने वृद्धवस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि ऑनलाईन आवेदन प्राप्त कर उनका सत्यापन कराते हुए निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत उनके खातों में पेंशन भिजवाये, जिससे गरीब एवं असहाय लोगों को शासन की मंशा के अनुरूप लाभ मिलें। उन्होंने महिला कल्याण की भी समीक्षा की और 181 हेल्पलाईन के आंकडों को देखा। उन्होंने निर्देश दिये कि मनरेगा कार्याें की मासिक समीक्षा बैठक करायी जाये। इसके अतिरिक्त उन्होंने पाईप पेयजल योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि निजी कनेक्शन घर क बाहर न दिये जाये। उन्होंने कहा कि अधूरी पाईप पेयजल योजनाओं को पूर्ण कर लिया जायेे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी मौजूद रहे।

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