हाईकोर्ट के आदेश से छोटूराम इंटर कालेज...प्रकरण में डीआईओएस बैकफुट पर

हाईकोर्ट के आदेश से छोटूराम इंटर कालेज...प्रकरण में डीआईओएस बैकफुट पर

मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम इंटर कालेज, मुजफ्फरनगर के कार्यवाहक प्रधानाचार्य व शिक्षकों-लिपिकों के बीच चल रहे विवाद का गुरूवार को पटाक्षेप हो गया। इस मामले मंें शिक्षकों की ओर से हाईकोर्ट इलाहाबाद में दायर की गयी याचिका में कोर्ट का निर्णय शिक्षकों के हक में आया। जिसके चलते जिला विद्यालय निरीक्षक ने बैकफुट पर आते हुए विवादित कार्यवाहक प्रधानाचार्य को उनके पद से हटाने के साथ ही अंग्रेेजी के प्रवक्ता रविंद्र कुमार को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का चार्ज देने को आदेशित कर दिया। इसे धरनारत शिक्षकों व लिपिकों ने सत्य की जीत बताया। इसके चलते विद्यालय के प्रबंध संचालक रमेश चंद शर्मा ने उन्हें शुक्रवार को चार्ज दिला दिया। कालेज में विवाद समाप्त हो जाने के चलते छात्रों ने राहत की संास ली।
चौधरी छोटूराम इंटर कालेज, मुजफ्फरनगर की कालेज के शिक्षकों-लिपिकों व कार्यवाहक प्रधानाचार्य नरेश प्रताप सिंह व उनकी पत्नी श्रीमती शैलजा सिंह के बीच जारी जंग का हाईकोर्ट इलाहाबाद के आये इस मामले में आदेश के बाद पटाक्षेप हो गया। कोर्ट के आदेश के बाद एक बार से अंग्रेजी के प्रवक्ता रविंद्र कुमार को कालेज का कार्यवाहक प्रधानाचार्य बना दिया गया। इस बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए रविंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर उनकी ओर से पांच जुलाई 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक रिट दायर की गयी थी। उन्होंने बताया कि दो जून 2017 को जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य नरेश प्रताप सिंह को पद से हटाकर उन्हें चार्ज दिया था, लेकिन 5 जून 2017 को डीआईओएस ने अपने पूर्व के आदेश को स्थगित कर दिया था। जिसके चलते उन्होंने कोर्ट का रुख किया। उन्होंने रिट नंबर 30217/2017 दाखिल की। जिस पर 5 सितंबर 2017 को कोर्ट ने निर्णय शिक्षकों के पक्ष में देते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक के पांच जून 2017 के दिये गये आदेश को निरस्त कर दिया। जिसके बाद कोर्ट के आदेश की प्रति लेकर शिक्षक व लिपिक गुरूवार की शाम को जिलाध्यक्ष शिवकुमार यादव के नेतृत्व में जिला विद्यालय निरीक्षक मुनेश कुमार से मिले। जिसके चलते डीआईओएस ने कोर्ट के दिये गये आदेश के अनुपालन में उन्हें कार्यवाहक प्रधानाचार्य पद के लिए आदेशित किया। शिक्षकों ने इसे सत्य की जीत बताया। जिसके बाद शुक्रवार को विद्यालय के प्रबंध संचालक रमेश चंद शर्मा ने उन्हें शुक्रवार को जार्च दिलाया।
गौरतलब है कि श्रीमती मुनेश कुमारी के द्वारा की गयी छह बिंदुओं छेड़छाड़ की शिकायत, वित्तीय अनियमितताओं, सीसीटीवी कैमरों के पफर्जी बिल व पीटीए के नाम पर अवैध वसूली सहित शारीरिक शिक्षा की लिखित परीक्षा आदि को लेकर चौधरी छोटूराम इंटर कालेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नरेश प्रताप ंिसंह के विरूद्ध कालेज की चतुर्थ श्रेणी की कर्मचारी श्रीमती मुनेश ने शिकायत की थी। उन पर लगे आरोपों को लेकर एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। जिसमें डा. सोहनपाल सिंह, विनय यादव व नितिन कुमार शामिल थे। इस तीन सदस्यीय कमेटी की जांच में लगे सभी आरोप सही पाये गये थे। जांच कमेटी की मिली रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक वीपी सिंह ने दो जून 2017 को जारी किये गये अपने आदेश में नरेश प्रताप सिंह को कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद के लिए अपात्रा बताते हुए हटाने के आदेश जारी किये थे। जो कि कालेज के प्रबंध संचालक रमेश चंद शर्मा को जारी किये थे। मिले आदेश पर कार्यवाही करते हुए प्रबंध संचालक ने नरेश प्रताप सिंह को प्रभार से कार्यमुक्त करते हुए कालेज के अंग्रेजी के वरिष्ठ प्रवक्ता रविंद्र कुमार को कार्यवाहक प्रधानाचार्य का प्रभार सौंपा था। जिसके बाद नरेश प्रताप सिंह डीआईओएस की शरण में चले गये थे। जिन्होंने अपने आदेश को निरस्त करते हुए एक बार पिफर नरेश प्रताप सिंह को चार्ज दे दिया था। जिसके बाद मामला कोर्ट मेें गया था। शुक्रवार को चार्ज लेते समय योगेंद्र सिंह मलिक, सुरेंद्र सिंह, वेदप्रकाश, बिजेंद्र सिंह, संतराम, अमन कुमार, राजेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, सत्येंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, नैन सिंह, राकी, दिग्विजय सिंह, प्रवेश कुमार, अमर सिंह, संजीव कुमार, संतोष कुमार सिंह, अनिता रानी, वंशराज, मुनेश कुमारी व सरला आदि उपस्थित रहे।

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