मुजफ्फरनगर: ककरौली में दो पक्षों में हुआ खूनी संघर्ष...धार्मिक स्थल पर हुए पथराव को लेकर गांव में तनाव, आधा दर्जन घायल

भोपा। दिन निकलते ही ग्राम ककरौली में दो पक्षों में पथराव व खूनी संघर्ष आरम्भ हो गया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक घायल हो गये। धार्मिक स्थल पर हुए पथराव को लेकर गांव में तनाव व्याप्त है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। घायलों को उपचार के लिए मोरना के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लाया गया, जहां से गम्भीर हालत के चलते घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए भेजा गया है। पुलिस की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में चर्चाएं व्याप्त हैं। थाना व ग्राम ककरौली में गुरूवार सवेरे एक ही समुदाय के दो पक्षों में जमकर पथराव हुआ, जिसकी जद में मस्जिद व मदरसा भी आ गये। धार्मिक स्थल पर फेंकी गयी ईंटों को लेकर एक समुदाय में भारी तनाव है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार सूचना देने के बाद भी पुलिस काफी देर बाद घटनास्थल पहुंची, जिसके चलते उपद्रवियों ने धार्मिक स्थल की पवित्रता का भी लिहाज नहीं किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बुधवार शाम 8 बजे के लगभग प्रवेज पुत्रा शकील झोझा मदरसे के प्रांगण में कुर्सी डालकर बैठा था, तभी मुजम्मिल पुत्र शमशाद, मोनू पुत्र इस्तियाक, सोनू व मोनू पुत्र शमीम मदरसे में आये व प्रवेज से मदरसे में बैठने का कारण पूछा, तो प्रवेज ने बताया कि वह मौलाना से मिलने आया है। प्रवेज ने उक्त चारों से मदरसे में आने की वजह को जाना, तो उन्होने बताया कि वह बोतलों में मदरसे की आरओ मशीन से पानी लेने आये हैं। प्रवेज ने इसका विरोध करते हुए इस मशीन के प्रयोग को मदरसे के भीतरी व्यक्तियों के लिए कहा, जिस पर दोनों ओर से कहासुनी में प्रवेज के साथ मारपीट की गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने प्रवेज पक्ष की तहरीर लेकर पीडित पक्ष को कार्यवाही का आश्वासन देकर थाने से चलता कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि थाने के चर्चित दरोगा ने आरोपियों से सांठगांठ कर पंचायत बुलाकर फैसला कर मामला निपटा देने का दबाव पीडितों पर बनाया। गुरूवार सवेरे 9 बजे के लगभग मामले में शकील के घर पर पंचायत हो रही थी, जिसमें पीडित पक्ष ने फैसला करने से इंकार कर दिया, तभी मदरसे के सामने मुजम्मिल, मोनू, सोनू आदि पथराव आरम्भ कर दिया, जिसमें शमशीर पुत्र सद्दीक, शाह आलम पुत्र शमीम, नवाब पुत्र मौहसन, मुनीर पुत्र जमील, अहसान पुत्र रफीक, शमीम पुत्र सगीर गम्भीर रूप से घायल हो गये। घटना की वीडियो बना रहे युवक का मोबाईल भी उपद्रवियों ने छीनकर उसको फॉरमेट कर घंटों बाद लौटाया गया। पीडिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही न होने से दोबारा हमला करने का साहस पुलिस की सांठगांठ के चलते हुआ है। घटना की सूचना देने के 40 मिनट बाद पुलिस का घटनास्थल पर पहुंचना एक पक्ष की ओर झुकाव दर्शाता है। वहीं देर शाम तक पीडित पक्ष की ओर से सुबह की घटना को लेकर तहरीर नहीं दी गयी थी। क्षेत्राधिकारी भोपा मौ. रिजवान ने बताया कि तहरीर आने पर घटना की जांच की जायेगी तथा आरोपियों के विरूद्ध कडी कार्यवाही की जायेगी।

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