बाढ़ग्रस्त गांव में बुखार से एक की मौत

बाढ़ग्रस्त गांव में बुखार से एक की मौत

मोरना। खादर में बाढ़ के बाद बीमारियों का प्रकोप गहराने लगा है। मजलिसपुर तौफीर में बुखार से एक की मौत हुई, सूचना के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। बुखार व एलर्जी से दर्जनों ग्रामीणों व बच्चों की हालत गम्भीर बनी। मार्ग पर आया पानी कम होने पर लोकनिर्माण विभाग ने मरम्मत का कार्य शुरू किया। बीड़ीओ ने निरीक्षण कर गांव में साफ-सफाई के निर्देश दिये। गत दो दिन पहले उत्तराखण्ड़ से सौलानी व बाणगंगा में छोड़े गया पानी भोपा थाना क्षेत्र के गांव मजलिसपुर तौपफीर, सिताबपुरी, खैरनगर, महाराजनगर की हजारों बीघा फसल को जलमग्न कर गांव तक पहुंच कुछ घरों में घुस गया था, बुधवार को पानी का स्तर घटने से लक्सर मार्ग से पानी उतर गया, लेकिन फसलों में कई-कई पफुट तक भरा हुआ है। निचले हिस्से में बने मकानों में अभी भी पानी भरा हुआ है, घरांे व गांव के चारों ओर रूके पानी में हो रही बदबू से बीमारी पफैलनी शुरू हो गई है, दर्जनों ग्रामीण व बच्चे बुखार, एलर्जी से पीड़ित है, सुबह बुखार के चलते रमेश 50 वर्ष निवासी मजलिसपुर तौपफीर की मौत हो गई, ग्रामीणों ने गमगीन माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। एसड़ीएम जानसठ ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी के आदेश पर टूटे लक्सर मार्ग को ठीक करने का कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दिया। खण्ड़ विकास अधिकारी ब्रहमपाल तोमर ने बाढ़ ग्रस्त गांवों को निरीक्षण कर प्रधान व सचिव को गांव की साफ-सफाई कराने का आदेश दिया। खेतों में आने-जाने वाले मार्गो व पफसलों में पानी भरा होने के कारण चारे का संकट भी गहरा गया है।

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