बाढ के पानी को दूर से देखकर उल्टे पांव लौट गये तहसीलदार

बाढ के पानी को दूर से देखकर उल्टे पांव लौट गये तहसीलदार

भोपा। बाढ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे तहसीलदार जानसठ मनोज कुमार बाढ प्रभावित गांव का दौरा किये बिना जूते खराब हो जाने की आशंका से उल्टे पांव लौट गये। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के विरूद्ध भारी रोष व्यक्त करते हुए आगामी किसी भी चुनाव का बहिष्कार करने की बात कही। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के जेई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पुलियों को जानबूझ कर गहराई में बनाकर सरकारी धन के दुरूपयोग व बाढ के लिए जिम्मेदार बताते हुए प्रत्येक किसान को उसकी बर्बाद फसल का मुआवजा देने की मांग तहसीलदार से की।
जनपद मुख्यालय से 45 किमी दूर खादर क्षेत्र के गांव बाढ की विभिषिका से त्रस्त होकर अपना जीवन गुजारने को मजबूर है। ग्रामीणों के अनुसार शासन प्रशासन का कोई भी व्यक्ति उनकी फरियाद सुनने को तैयार नहीं है। प्रतिवर्ष उनकी पफसलें बाढ में बर्बाद हो जाती है। पुलियों के खराब निर्माण के कारण उनकी फसलों में पानी भरा रहता है तथा वह पानी में गलकर बर्बाद हो जाती है। बाढ क्षेत्रा का दौरा करने पहुंचे तहसीलदार मनोज कुमार मोरना लक्सर मार्ग पर ही रूक गये। पानी में तैर रही जोंक नामक प्राणी को देखकर तहसीलदार ने अपने पांव पीछे खींच लियेे। जोंक से घबराये तहसीलदार उल्टे पांव लौट गये। वहीं जिला पंचायत सदस्य पुत्र अमित राठी ने लोक निर्माण विभाग के एक्स.ई.एन. से बात कर शीघ्र पुलियों के निर्माण करने की बात कही तथा बाढ में मरे किसान बाबू के आश्रितों को शीघ्र आर्थिक सहायता देने की मांग प्रशासन से की है।

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