कृषकों को कैम्पों में दिये जायेंगे ऋण मोचन प्रमाण पत्र

कृषकों को कैम्पों में दिये जायेंगे ऋण मोचन प्रमाण पत्र

मुजफ्फरनगर। अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह ने बताया कि लघु एवं सीमांत कृषकों के प्रथम चरण में पात्र किये गये 11 हजार 147 कृषकों के खाते में धनराशि हस्तान्तरित हो गयी है। उन्होंने बताया कि इन कृषकों को जनपद एवं तहसील स्तरीय कैम्प आयोजित कर प्रभारी मंत्राी, सांसद, विद्यायकगण आदि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरित कराये जायेंगे। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय आयोजित होने वाले कैम्प में 5 हजार पात्र/अर्ह कृषकों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराये जायेंगे। इसके अतिरिक्त तहसील स्तरीय कैम्प आयोजित कर ऋण मोचन प्रमाण पत्रा वितरित होंगे।
अपर जिलाधिकारी वि/रा आज यहां अपने कार्यालय कक्ष में फसली ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत आगामी चरणों की तैयारी एवं ऋण मोचन प्रमाण पत्र वितरण तथा आधार कार्ड सीडिंग एवं भू-लेख मैपिंग के सम्बन्ध में बैंक समन्यवकों क साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना सरकार की अति महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होने कहा कि संवेदनशील होकर निरतंर फीडिंग कार्य चालू रखे और अगले चरण के लिए आधार कार्ड पफीडिंग एवं भू-लेख मैपिंग का कार्य तेजी एवं निरन्तरता से पूर्ण करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि मृतकों के वारिसाना प्रमाण पत्र लेकर उनकी भी पफीडिंग कार्य पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने बताया कि ऋण मोचन प्रमाण पत्र स्क्राल पफीड होने के उपरान्त डीएलसी लॉगिन से प्रिन्ट होंगे। उन्होंने सभी बैंक समन्वयकांे को निर्देशित किया कि लिपिकीय त्राुटिवश डाटा, कृषकों द्वारा विभिन्न शाखाओं से एक ही भूमि एवं एक ही फसल पर लिए गये ऋण सम्बन्धी डुप्लीकेसी के प्रकरण का निस्तारण करें एवं आधार कार्ड लिंक कराया जाना, मृत कृषक के स्थान पर उसके सम्बन्धित वारिस का नाम योजना में शामिल किये जाने के क्रम मंे एवं सत्यापन कार्य हेतु द्वारा तहसील स्तर पर प्राप्त कराये जाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए उक्त कार्यों को एक अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये।
अपर जिलाधिकारी वि/रा ने कहा कि कृषकों के खाते को आधार कार्ड से लिंक करने की प्रगति अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने जिला समन्वयकों एवं अग्रणी जिला प्रबन्धक को निर्देश दिये कि जिन बैंेक शाखाओं की प्रगति कम है उन शाखाओं के प्रबन्धक एवं पफील्ड ऑपिफसर प्रगति के सम्बन्ध में समीक्षा करें और इस कार्य को शासन द्वारा निर्धारित समय के अनुरूप पूर्ण करें। उन्होने भू-लेख मैपिंग के सत्यापन कार्य की भी समीक्षा की और निर्देश दिये कि अब इसमें विलम्ब न किया जाये और इस कार्य को कल तक पूर्ण किया जाये। उन्होंने कहा कि यदि आधार कार्ड फीडिंग का कार्य समय सीमा में पूर्ण नहीं होगा, तो उसके लिए ब्रांच मैनेजर उत्तरदायी होंगे। अपर जिलाधिकारी ने शिकायतों के सम्बन्ध में बैंक समन्वयकों को निर्देश दिये कि निस्तारण की मॉनिटरिंग स्वयं करें और एक रजिस्टर अपने पास रखें, जिसमें शिकायतों की निस्तारण का ब्यौरा दर्ज हो। उन्होंने कहा कि ब्रांच मैनेजर तहसील भी डाटा में अद्यतन कर लें। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी, एलडीएम, समस्त बैंक समन्वयक आदि उपस्थित रहे।

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