फिल्मी स्टाइल में नाग ने कार चालक को डसा...छः माह पूर्व मारी थी नागिन, अब नाग ने लिया बदला, मौत से मचा कोहराम

फिल्मी स्टाइल में नाग ने कार चालक को डसा...छः माह पूर्व मारी थी नागिन, अब नाग ने लिया बदला, मौत से मचा कोहराम

चरथावल। विकास खण्ड चरथावल के गांव बेहड़ी बेगमपुर में 55 वर्षीय टैक्सी चालक को फिल्मी स्टाइल में नाग ने नागिन की मौत का बदला लेते हुये मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि गांव को बक्शीश मिली हुई है कि गांव में सांप के काटने से मृत्यु नहीं होगी, मगर रात्रि में चारपाई पर लेटे कार चालक को गांव से बाहर इलाज कराने जाना महंगा पड़ गया। गांव के बड़े बुजुर्गों का कहना है कि कार चालक अब्दुल वली पुत्र कल्लू सांप के डसे जाने के बाद गांव के बाहर इलाज को न जाकर गांव में ही अपना इलाज कराता, तो शायद जान बच सकती थी, वहीं गांव के युवाओं ने इस बात को केवल अन्धविश्वास बताया है।
मिली जानकारी के क्षेत्र के गांव बेहड़ी बेगमपुर का कार चाक अब्दुल वली पुत्र कल्लू कार चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। अब्दुल वली बेहड़ी स्थित अपने मकान में ही रहता था। बताया जा रहा है कि 6 माह पूर्व अब्दुल वली के मकान के पास में ही जब एक नाग-नागिन का जोड़ा अपनी मस्ती में खेल रहा था, तो उस वक्त उस जोड़े में से अब्दुल वली ने नागिन को मार दिया था और नाग बचकर भाग निकला था, तभी से नाग अब्दुल वली से अपनी नागिन की मौत का इंतकाम लेने की पिफराक में था। बीती रात्रि करीब डेढ़ बजे अब्दुल वली जाकर अपने मकान में दूसरी मंजिल कमरे में सोया हुआ था, तभी अब्दुल वली की चारपाई पर ही चढ़कर तकिये के पास नाग बैठा हुआ था, जैसे ही अब्दुल वली अपने चारपाई पर लेटकर करवट लेने लगा, तो अब्दुल वली के कन्धे में नाग ने डंक मार लिया और वहीं पर बैठा रहा। एक दम डंक मारने से अब्दुल वली गुस्से में आ गया और नीचे की तरफ नाग को मारने के लिये डंडा उठाने के लिये गया और डंडा उठाकर नाग को मार दिया। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और परिजन अब्दुल वली को उठाकर जिला चिकित्सालय ले गए, जहां उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, पिफर उसे भोपा ले गए, लेकिन वहां पर भी हालत ऐसी ही बनी रही, उसके बाद उसे रामराज ले गए, लेकिन उसके बाद भी उसका जहर नहीं उतरा और अब्दुल वली की मौत हो गयी, पिफर किसी नागडोल वाले को बुलाकर लाये और अब्दुल वली के शरीर पर नागडोल लगाई गयी, लेकिन मृत्यु होने के कारण अब्दुल वली के शरीर पर नागडोल नहीं लग पायी। इसके बाद अचानक सब उपचार पफेल होने के कारण और मौत होने के कारण परिवार में कोहराम मच गया। अब्दुल वली के दो बेटे व चार बेटियां है। अब्दुल वली कार चलाकर अपने परिवार को पालता था और उसके दोनों बेटे विदेश में नौकरी करने चले गए थे। गांव व क्षेत्रा में जहां किस्सों व पिफल्मो में सांप द्वारा अपने साथी की मौत का बदला लेने की कहानी सुनने को मिलती थी, आज हकीकत में भी नाग ने नागिन की मौत का बदला ले लिया। नाग में नागिन की मौत का इतना आक्रोश था कि वह अब्दुल वली को डसने के बाद भी उसके बिस्तर से हिला तक नहीं। अब्दुल वली की मौत से ईदुलजुहा की खुशी गम में बदल गयी और परिवार पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार जनों को रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था, हर कोई घटना की चर्चा करता नजर आया।

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