ओएचसी का तार टूटा, बड़ा हादसा टला...घंटों रहा यातायात बाधित, ट्रेनों के पहियों पर लगे ब्रेक, अधिकारियों व कर्मचारियों में मचा हड़कंप

ओएचसी का तार टूटा, बड़ा हादसा टला...घंटों रहा यातायात बाधित, ट्रेनों के पहियों पर लगे ब्रेक, अधिकारियों व कर्मचारियों में मचा हड़कंप

मुजफ्फरनगर। वर्तमान समय रेलवे का अत्यंत ही खराब चल रहा है। खासकर दिल्ली-देहरादून-सहारनपुर मार्ग को लेकर। या यह कहा जाए कि रेलवे के ग्रह सही नहीं चल रहे हैं, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस बात का गवाह 19 अगस्त को खतौली में हुआ उत्कल एक्सप्रेस का हादसा है। इसके बाद भी इस मार्ग पर कई हादसे होते-होते बचे हैं। जिसमें 21 अगस्त को ही शाम के समय खतौली में ही हादसे वाले स्थान से कुछ ही दूरी पर मुख्य पटरी पर निकली पड़ी क्लिपों को देखकर आती हुई नौचंदी को लेकर लोगों के द्वारा शोर मचा कर ट्रेन को रोका गया था। जिसके बाद आज तक उस स्थान से हर गाड़ी को धीरे से ही संचालित किया जा रहा है। इसके कुछ दिनों बाद ही मुजफ्फरनगर स्टेशन पर व हरिद्वार की ओर स्टेशन से मात्रा पांच सौ मीटर पर भी लाइन पर क्लिपें निकली मिली थीं। शनिवार (आज) भी एक बड़ा हादसा सकौती-दौराला के मध्य ओएचसी का तार टूटने से होते-होते बचा।
लगता है कि रेलवे पर शनि की कूदृष्टि पड़ चुकी है। 19 अगस्त को उत्कल हादसे वाले दिन भी शनिवार ही था तथा आज भी शनिवार ही रहा। सूत्रों के अनुसार आज भी सकौती-दौराला के मध्य एक बड़ा हादसा टल गया। गनीमत यह रही कि जिस समय यह वाक्या हुआ, उस समय वहां से कोई ट्रेन नहीं गुजर रही थी। दो ट्रेनें आसपास ही थीं। जिसमें ओखा व इंदौर शामिल हैं। हुआ यह कि दोपहर के समय दो सवा दो के बीच सकौती-दौराला के मध्य ओएचसी लाइन का तार टूट गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा गया। आनन-फानन में इस मैसेज को फ्रलेैश किया गया। दिल्ली की ओर से आ रही गाड़ी संख्या 19325 इंदौर-अमृतसर एक्सप्रेस व गाड़ी संख्या 19565 ओखा-देेहरादून एक्सप्रेस को पीछे ही रोका गया। साथ ही अन्य आने वाली सभी ट्रेनों के पहियों पर बै्रक लगा दिया गया। टावर वेैगन को लाकर लाइन को सही कराया गया। जिसके चलते लगभग डेढ़ घंटे यातायात बाधित रहा। इस कारण से कई ट्रेनें अपने निधारित समय से विलंबता से संचालित हुईं। देरी से संचालित होने वाली ट्रेनें इस प्रकार से रहीं गाड़ी संख्या 54472 पैसेंजर दो घंटे सात मिनट, गाड़ी संख्या 19565 ओखा एक्सप्रेस दो घंटे 28 मिनट, गाड़ी संख्या 19325 इंदौर एक्सप्रेस दो घंटा बीस मिनट, गाड़ी संख्या 14521 इंटरसिटी बयालीस मिनट, गाड़ी संख्या 64561 दिल्ली-अंबाला पैसंेजर दो घंटा 12 मिनट, गाड़ी संख्या 54304 कालका पौने दो घंटा, गाड़ी संख्या 64559 एक घंटा पांच मिनट, गाड़ी संख्या 18477 उत्कल एक्सप्रेस एक घंटा 32 मिनट, गाड़ी संख्या 14512 नौचंदी एक्सप्रेस पौने दो घंटा। देरी से और चलने वाली रहीं गाड़ी संख्या 14681 सुपर तीन घंटा तेरह मिनट, गाड़ी संख्या 12687 चेन्नई मेल सात घंटा 18 मिनट, गाड़ी संख्या 54441 मेरठ-अंबाला पैसंेजर 55 मिनट, गाड़ी संख्या 14511 एक घंटा 12 मिनट, गाड़ी संख्या 54539 निजामुद्दीन पैसंेजर दो घंटा 35 मिनट। गौरतलब है कि उत्कल हादसे के करीब ही मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी पर भी ओएचसी का तार टूट कर गिर गया था, जिसके चलते उसमें धुंआ उठता देख चालक कूद का भाग गया था। इसके बाद हाल ही में रात्रि में 11 बजे के आसपास आयी तेज आंधी में गांधी कालोनी जेल फाटक के पास पेड़ की टहनी टूट कर गिरने से भी ओएचसी का तार टूट गया था। उस समय भी गनीमत यह रही थी कि उस समय भी कोई ट्रेन वहां से नहीं गुजर रही थी।

Share it
Top