हादसों को देख मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उठाए कदम

हादसों को देख मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने उठाए कदम

मुजफ्फरनगर। यदि आप स्कूल बस पर वाहन चालक हैं तथा आपके पास एंड्रायड फोन है, तो सावधान। यह आपको भारी पड़ सकता है। स्कूली वाहन चलाते समय इसका प्रयोग आपके ड्राईविंग लाईसंेस का जीवन समाप्त कर सकता है अर्थात उसे समाप्त करा सकता है। स्कूल बस और वैन चालकों के एंड्रायड फोन रखने पर केंद्र सरकार के मंत्रालय मानव संसाधन की ओर से रोक लगा दी है। सीबीसीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड समेत सभी प्राफेशनल कालेजों के चालकों के पास एंड्रायड फोन मिला, तो ड्राईविंग लाईसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
घर से निकलने के बाद स्कूल जाते समय बच्चे की हर अभिभावक को चिंता रहती है। स्मार्ट फोन अब अधिकतर लोगों की पहुंच में है। स्कूल बस और वैन चालक भी इसका भरपूर इस्तेमाल करते हैं। वह गाड़ी चलाते समय फोन पर गाने सुनते हैं और वीडियो भी देखते हैं। जो कि कई बार बच्चों के लिए जानलेवा साबित भी होता है। कई बार देखने में आया है कि वाहन चालक फोन से फोटो खींच कर बच्चों को ब्लैकमेल भी करते हैं। हालात देख मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूल बस और वैन चालकों के एंड्रायड फोन रखने पर रोक लगा दी है। सीबीसीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड समेत सभी प्रोपफेशनल स्कूलांे के चालकों के पास एंड्रायड फोन मिला, तो ड्राईविंग लाईसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि स्कूली वाहन के चालक के पास साधारण फोन ही कापफी है। एंड्रायड फोन होने से कान में ईयर फोन लगाकर बस व वैन को चलाने से हादसे संभव हैं। स्कूल के ट्रांसपोर्ट अधिकारी को अधिकार दिया गया है कि वह इसकी जांच कर सकेगा। आरटीओ और प्रशासनिक अधिकारी भी जांच करेंगे। चालक पकड़ा जाता है, तो उसका लाईसेंस निरस्त होगा। भविष्य में बन भी नहीं पाएगा। साथ ही कहा गया है कि बच्चे या कोई अन्य चालक को स्मार्ट फोन प्रयोग करते देखें, तो स्कूल व अभिभावकों को बताएं। अभिभावक भी चालक की गतिविधियों पर नजर रखें। स्कूल बस में छात्राएं है, तो वह ध्यान रखें कि चालक वीडियो तो नहीं बना रहा है। यदि इस प्रकार की गतिविध मिले, तो इसके संबंध में स्कूल के प्रशासन को सूचित करें, ताकि इस प्रकार के चालक के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।

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