लाभान्वित किसानों को लाने का दायित्व बैंक प्रबंधकों काः डीएम

लाभान्वित किसानों को लाने का दायित्व बैंक प्रबंधकों काः डीएम

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि लघु एवं सीमांत कृषकों को फसली ऋण मोचन के प्रथम चरण का कार्य पूर्ण होे गया है। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में फसली ऋण मोचन का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र लघु एवं सीमांत कृषक अपने आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक करा ले। उन्होंने बताया कि ऐसे सभी कृषक जो पात्राता की श्रेणी में है और अपना आधार कार्ड बैंक खाते के साथ लिंक नहीं करा पाये है वे प्राथमिकता पर अपनी बैंक शाखाओं पर जाकर अपना आधार लिंक करा लें। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी बैंकों के जिला समन्वयक सोमवार तक आगामी चरणों के लिए फसली ऋण पाने वाले किसानों के आधार पिफडिंग का कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड फिडिंग कार्य की सूचना भी फिजीकली उपलब्ध कराये। जिलाधिकारी ने बताया कि फसली ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 11 हजार 180 किसानों को कर्ज माफी के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि किसानों के खातें में फसली ऋण मोचन की धनराशि पहुंच रही है।
जिलाधकारी आज यहां कलैक्टेªट सभागार मेें फसली ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत आगामी चरणांे की तैयारी के सम्बन्ध में बैंक समन्वयकों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना सरकार की अति महत्वपूर्ण एवं महत्वाकांक्षी योजना है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील होकर निरन्तर फडिंग कार्य चालू रखे और अगले चरण के लिए आधार कार्ड फिडिंग एवं भू-लेख मैपिंग का कार्य द्रुत गति से पूर्ण करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि मृतकों के वारिसान प्रमाण पत्र लेकर उनकी भी फिडिंग कार्य पूर्ण कर लिया जाये। उन्होंने बताया कि )ण मोचन प्रमाण पत्र स्क्राल फिड होने के उपरान्त डीएलसी लॉगिन से प्रिन्ट होंगे एवं राज्य स्तरीय नोडल अधिकारियों के लॉगिन में स्क्राल पिफड करने का ऑप्शन ओपन कर दिया गया है। उन्होंने सभी बैंक समन्वयकांे को निर्देशित किया कि लिपिकीय त्राुटिवश डाटा, कृषकों द्वारा विभिन्न शाखाओं से एक ही भूमि एवं एक ही फसल पर लिए गये ऋण सम्बन्धी डुप्लीकेसी के प्रकरण का निस्तारण करें एवं आधार कार्ड लिंक कराया जाना, मृत कृषक के स्थान पर उसके सम्बन्धित वारिस का नाम योजना में शामिल किये जाने के क्रम मंे एवं सत्यापन कार्य हेतु द्वारा तहसील स्तर पर प्राप्त कराये जाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए उक्त कार्यों को एक अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर 5 सितम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने किसानों को ऋण मोचन प्रमाण पत्र कैम्प की समस्त व्यवस्था पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि लाभान्वित होने वाले कृषकों को लाने का दायित्व सम्बन्धित शाखा प्रबन्धकों का होगा। उन्होंने द्वितीय चरण के फसली ऋण मोचन के समस्त कार्य समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिये कि ग्राम वाईज फसली ऋण मोचन के पात्र किसानों के सभी आंकडे एक रजिस्टर में दर्ज सुनिश्चित किये जाये। उन्होंने नाम की भिन्नता के सम्बन्ध में तहसील/ब्रान्च के प्रबन्धक भिन्नता को पूर कर दें। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन बैंकों की भू-लेख मैपिंग का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है वह पूर्ण कर अवगत कराये। उन्होंने कहा कि भू-लेख मैपिंग एवं यदि डाटा में तहसील का नाम गलत है, तो उसे भी ठीक कर ले। उन्होंने ऋण मोचन सम्बन्धी शिकायतों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग किये जाने के भी निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी/तहसीलदार, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, अग्रणी बैक प्रबन्धक तथा सभी जिला स्तरीय बैक समन्वयक उपस्थित रहे।

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