गरज व चमक के साथ जमकर बरसे मेघ...दामिनी ने बरसात में बढाई लोगों की धडकनें, नाले व नालियां हुई नदियों में तब्दील

गरज व चमक के साथ जमकर बरसे मेघ...दामिनी ने बरसात में बढाई लोगों की धडकनें, नाले व नालियां हुई नदियों में तब्दील

मुजफ्फरनगर। शुक्रवार को मेघ गरज चमक के साथ जमकर बरसे। इसके साथ ही दामिनी (बिजली) ने पड़ी भारी बरसात में लोगांे के दिलों की धड़कनंे भी बढ़ा दीं। बरसात से बचने को लेकर रोडवेज बस स्टैंड सहित रेलवे स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ नजर आयी। स्थिति यह हो गयी थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। जमकर हुई एक घंटे की बरसात ने शहर को एक प्रकार से तालाब में तब्दील कर दिया। गली-मौहल्लों की नालियां व नाले एक प्रकार से छोटी नदियों में तब्दील होते हुए नजर आये। लोगों को अपने वाहन पैदल खींचते हुए भी पाया गया। शाम को एक बार पिफर से बरसात सात बजे के आसपास प्रारंभ हो गयी, जो कि पूरी रात रह-रहकर पड़ती रही। बरसात के चलते शहर का बाजार भी समय से एक घंटा पहले ही बंद हो गया। कईयों के द्वारा तो भारी बरसात के चलते अपनी यात्रा भी स्थगित करनी पड़ी।
पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने को लेकर आमजन भगवान से बरसात करने की दुआ-प्रार्थना कर रहे थे। वैसे तो आमजन की दुआ भगवान द्वारा गुरूवार को ही सुन ली गयी थी। जिसके चलते गुरूवार को शाम के समय बरसात हुई, लेकिन यह रह-रहकर होती रही। जिससे आमजन को गर्मी से थोड़ी बहुत राहत ही मिल सकी। बरसात का सिलसिला शुक्रवार की प्रातः को भी जारी रहा। जो कि पूरे दिन चलता रहा। इसी क्रम में दोपहर तीन बजे गरज-चमक के साथ आयी बरसात ने लोगों की दिनचर्या की बदल कर रख दी अर्थात थाम दी। तीन बजे बरसात प्रातः की ही भांति आयी। हल्की, लेकिन साढ़े तीन बजे से लेकर साढ़े चार बजे तक पूरे एक घंटा मेघ ऐसा जमकर बरसे कि लोगांे की तबीयत पूरी तरह से तर-ब-तर करके रख दी। इस प्रकार की बरसात इस गर्मी के मौसम में पहली बार देखी गयी। जिसके चलते पूरा शहर जलमग्न हो गया। एक प्रकार से छोटे तालाब का रूप ले लिया।
गली-मोहल्लों की गलियां, नालियां व नाले एक प्रकार से छोटी नदी के समान नजर आये। गलियों में एक से लेकर दो फुट तक पानी भर गया। स्थिति अनेक स्थानों पर इस प्रकार की मिली कि लोगों को अपने वाहन पैदल होकर निकालने पड़े। बरसात के साथ ही रह-रहकर चमक रही दामिनी ने लोगों के दिलों की धड़कनें बढ़ा दीं। बारी बरसात से बचने को लेकर लोग छिपने का स्थान खोजते हुए नजर आये। जिसे जहां पर जगह मिली, वह वहीं पर छिप गया। रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टैंड पर स्थिति यह हो गयी थी कि पैर रखने की जगह नहीं बची थी। नालियों की गंदगी गलियों में बहती हुई नजर आयी। जिसको लेकर लोगों में नगर पालिका प्रशासन के विरू( भारी रोष भी नजर आया। उनका कहना था कि कर के लिए तो पालिका प्रशासन की ओर से दिन-रात एक किया जाता है, लेकिन नालों आदि की सापफ-सपफाई को लेकर किसी भी प्रकार की कार्यवाही पालिका प्रशासन की ओर से नहीं की जाती है। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण है गलियों में भरना वाला बरसात का पानी। कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि एक घंटे की भारी बरसात ने शहर को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया। जिसके चलते बाजार समय से लगभग एक घंटा पूर्व ही बंद हो गया। सभी को इस बरसाती मौसम में घर जाने की जल्दी नजर आयी।

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