मुजफ्फरनगर: सीकरी में गवाह के भाई को गोली मारी

मुजफ्फरनगर: सीकरी में गवाह के भाई को गोली मारी

भोपा। गांव में चल रही पुरानी रंजिश की चिंगारी ने सिलसिलेवार हिंसा का रूप ले लिया है, जिसके आगे जनपद की पुलिस व्यवस्था भी धराशायी प्रतीत हो रही लगती है। ग्राम सीकरी के जंगल में बदमाशों ने दिन दहाडे ताबडतोड गोलियां चलाकर हत्या के मामले में गवाह बने भाई को गम्भीर रूप से घायल कर दिया। घटना की सूचना पर गांव में भगदड मच गयी। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्तदेव तिवारी, पुलिस अधीक्षक अपराध अजय सहदेव ने घटनास्थल की जांच कर मामले की जानकारी ली तथा ग्राम प्रधानपति व अम्मार की हत्या के गवाह को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की बात कहते हुए शीघ्र घटना के खुलासे का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों के लगातार हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन पर अपराधियों से सांठगांठ के गम्भीर आरोप लगाये हैं।
थाना भोपा क्षेत्र के ग्राम सीकरी के ढाक्का नामक जंगल में बुधवार सवेरे ताबडतोड गोलियों की आवाज सुनकर जंगल में काम कर रहे पुरूष व महिलाओं में चीख पुकार मच गयी। पडौस के ग्राम योगेन्द्रनगर के निवासी दहशत से कांप उठे। आधा घंटा हुई फायरिंग में 45 वर्षीय कसीम पुत्र जहीर अहमद बदमाशों द्वारा चलायी गयी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को एम्बुलेंस द्वारा जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिंताजनक हालत में घायल का उपचार किया जा रहा है। घटना की सूचना प्रसारित होते ही भारी पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गया, जहां पीडित पक्ष के कलीम ने बताया कि बुधवार सवेरे कसीम पुत्र जहीर, शाहजेब पुत्र वाहिद, शारिक पुत्र खालिद उर्फ भूरा, गुल मौहम्मद पुत्र वाहिद ढाक्का के जंगल में चरी घास का सौदा कर रहे थे, तभी आधा दर्जन अज्ञात बदमाशों ने ताबडतोड फायरिंग कर जानलेवा हमला किया। किसी प्रकार उक्त लोगों ने खेतों में छिपकर अपनी जान बचाई। आधा घंटा हुई 50-60 राउण्ड फायरिंग में दो गोली कसीम के सीने व हाथ में धंस गयी। मौके पर पहुंचे सैंकडों ग्रामीणों को देखकर बदमाश फरार हो गये। सूचना पर पहुंचे थाना भोपा प्रभारी विजय सिंह, थाना ककरौली प्रभारी अनिल कुमार, थाना जानसठ प्रभारी कमल सिंह चौहान ने बदमाशों की तलाश में घंटों जंगल की काम्बिंग की। आरोप है कि 15 अक्टूबर 2015 की शाम खालिद उर्फ भूरा को ग्राम प्रधान जमशेद के भाई नौशाद ने गोली माकर घायल कर दिया था। अगले दिन सवेरे खालिद के भतीजे तसलीम पुत्र जाहिद की गोली मारकर हत्या कर दी गयी, जिसमें ग्राम प्रधान जमशेद व उसका भाई गुलसनव्वर आदि आरोपी बनाये तथा जमशेद, गुलसनव्वर, नौशाद हाल में जेल में बन्द है। तसलीम की हत्या में कलीम पुत्र जहीर हसन, ताजीम पुत्र जाहिद मुख्य गवाह बने। मार्च 2017 में ताजीम के अपहरण का प्रयास भी किया गया, जिसमें मुन्तयाज पुत्र अजमत अली पर अपहरण के प्रयास का आरोप लगाया गया। वहीं ग्राम प्रधान पति इरफान अली अप्पी व पूर्व प्रधान मौ. अम्मार पीडित के पक्षकार बने हुए थे, जिनका आरोप है कि जमशेद आदि जेल से पुलिस के मोबाईल फोन से फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। वहीं जमशेद पक्ष की ओर से भी प्रधानपति व अम्मार के विरूद्ध मुकदमे दर्ज करने के प्रार्थना पत्र भी आला अधिकारियों को दिये जाते रहे। 22 अगस्त को मुजफ्फरनगर में दिन दहाडे मौ. अम्मार की हत्या कर दी गयी, जिसमें कलीम पुत्र जहीर हसन, इकबाल उर्फ बाल्ला पुत्र सगीर अंसारी वादी व गवाह बने। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अम्मार के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने को लेकर पीडित पक्ष में बेचैनी बढने लगी तथा पीडित पक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर इंसाफ मांगने की बात कही। बुधवार सवेरे एक बार फिर मुख्य गवाह कलीम के भाई कसीम पर कातिलाना हमला कर बदमाशों ने गांव में दहशत फैला दी। वहीं घायल के भाई खालिद उर्फ भूरा पुत्र जहीर ने थाना भोपा पुलिस को तहरीर देकर अयूब पुत्र अजमत, हसीन पुत्र मुमताज, शौकीन पुत्र युनुसु, शारिक पुत्र जमशेद व तीन अज्ञात पर गोली चलाकर कसीम को घायल कर देने का आरोप लगाते हुए शीघ्र आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। फिलहाल ग्राम सीकरी में पीएसी तैनात कर दी गई है तथा दोनों मुख्य गवाहों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से निजी सुरक्षा गार्ड प्रदान किये गये हैं।

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