मुजफ्फरनगर: पुलिस ने सुपरवाईजर की पिटाई कर थाने में बैठाया, मजदूरों ने की तोडफोड

मुजफ्फरनगर: पुलिस ने सुपरवाईजर की पिटाई कर थाने में बैठाया, मजदूरों ने की तोडफोड

मंसूरपुर। सरशादी लाल डिस्टलरी में काम करने वाले चौन के सुपरवाइजर के पास गेटपास न होने से, सीएसओ द्वारा गेट पास मांगने पर बहस के बाद फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से बुलाई गई पुलिस द्वारा सुपरवाइजर की पिटाई के बाद थाने में बैठाए जाने पर मजदूरों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर फैक्ट्री में तोड़फोड़ की। भारी विरोध प्रदर्शन करने के बाद सभी मजदूर अपने-अपने घरों को चले गए।
बुधवार की सुबह चौन का सुपरवाइजर हैप्पी फैक्ट्री में डयूटी करने के लिए जैसे ही गेट पर पहुंचा, तो गेट पर खड़े सीएसओ सत्येंद्र राठी ने हैप्पी से गेट पास मांग लिया। हैप्पी ने कहा कि अभी तक मेरा गेट पास नहीं बना है। सभी मुझ से परिचित हैं, इसलिए मुझे अंदर जाने दिया जाए, जब गेटपास बन जाएगा, तब मैं गेटपास दिखा दिया करूंगा। सत्येंद्र राठी ने कहा कि फैक्ट्री के जो रूल हैं, उसी के हिसाब से काम किया जाएगा। इस बात पर दोनों की बहस होने के बाद हैप्पी अंदर फैक्ट्री में जाकर अपने काम में लग गया। कुछ देर बाद ही फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से पुलिस बुला ली गई। बताया गया है कि पुलिस ने हैप्पी की फैक्ट्री के अंदर ही जमकर पिटाई की और उसके बाद गाड़ी में बैठा कर थाने में लाकर बंद कर दिया गया। इस बात को लेकर फैक्ट्री के मजदूर भड़क गए। और उन्होंने फैक्टरी के अंदर हंगामा करना शुरु कर दिया। जमकर नारेबाजी की गई और ऑफिसों के अंदर रखे फर्नीचरों में भी तोड़फोड़ की गई। मजदूरों का कहना था कि जो गरीब व कमजोर होता है उससे ही गेटपास मांगा जाता है, जबकि औरों के साथ में ऐसा कुछ नहीं किया जाता। यह सब कुछ फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी के अंदर गरीब मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। काफी देर हंगामा करने के बाद सभी मजदूर अपने घरों को लौट गए। मजदूरों के चले जाने से फैक्ट्री का तमाम कार्य प्रभावित हो गया था। शाम को फैक्ट्री जीएम द्वारा थाने पर जाकर हैप्पी द्वारा माफी मांगने के बाद छोड़ दिया गया। हैप्पी द्वारा माफी मांगने की बात को सुनकर मजदूर फिर से आक्रोशित हो गए और शाम के समय ही वापस शराब फैक्ट्री में पहुंच कर हंगामा करने के बाद मौके पर जीएम वर्क्स भगत सिंह व वीपी फैक्ट्री प्रीतम सिंह चौहान को मौके पर बुलाया गया और मांग की गई कि जब तक फैक्ट्री प्रबंधन सत्येंद्र राठी व उसके सहयोगी जुबेर के खिलाफ कड़ा एक्शन नहीं लेता, तब तक फैक्ट्री में कोई कार्य नहीं किया जाएगा। कुछ फैक्ट्री कर्मियों ने तो सत्येंद्र राठी पर गंभीर आरोप भी लगाए।

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