मुजफ्फरनगर: पात्रों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ, जर्जर मकान की दीवार खिसकी, प्रधान पर लगाया सुध न लेने का आरोप

मुजफ्फरनगर: पात्रों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ, जर्जर मकान की दीवार खिसकी, प्रधान पर लगाया सुध न लेने का आरोप

जानसठ। जानसठ ब्लॉक के ग्राम चुड़ियाला में जर्जर मकान की दीवार खिसक गयी, जिसमें परिवार बाल-बाल बच गया। राहत के लिए पूरा गांव पहुंचा, लेकिन ग्राम प्रधान द्वारा मौके पर न जाना और कोई मदद न करने से ग्रामवासियों में रोष छाया हुआ है। इससे पूर्व भी ग्रामवासियों ने पात्र व्यक्तियों को आवास बनवाने और मदद देने की गुहार लगाई थी, लेकिन भेदभाव के चलते ग्राम प्रधान द्वारा छात्रों को कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई जाने पर ग्रामवासियों में भारी आक्रोश है, जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करते हुए पात्रों को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने की गुहार लगाई है।
आज ब्लाक जानसठ के गांव चुड़ियाला में मीडिया को आमंत्रित किया गया और एकजुट होकर मौजूदा प्रधान पर गांव में सफाई, प्रकाश, राशन, प्रधानमंत्री आवास व अन्य लाभकारी योजनाओं के प्रति उदासीनता दिखाने के साथ ही भेदभाव का भी गम्भीर आरोप लगया। ग्राम निवासी ब्रह्मपाल ने बताया कि पात्रों के मकान नहीं बनवाये जा रहे है। सफाई भी नही कराई जा रही है, जबकि सफाई कर्मचारियों को अपने निजी कार्यो में ग्राम प्रधान द्वारा लगाया जा रहा है, वहीं गुलशन खान ने भी गरीब परिवारों को कोई सरकारी लाभ न मिलने के साथ ही नई बस्ती में रास्ता सफाई व प्रकाश न कराने पर चिंता जताई। वहीं रोहताश कुमार ने कहा कि हमारे गांव के मेन चौराहे पर लगी सोलर लाइट को हटा कर ग्राम प्रधान ने अपने परिचित के यहां लगवा दिया है और ग्रामीणों ने पत्रकारों को ऐसे परिवारों से भी मिलवाया, जिनके सर पर न तो पक्की छत है और न ही उनके यहां सुलभ शौचालय और प्रकाश की कोई व्यवस्था है। गरीब लोग कैसे 21वीं सदी में भी नरकीय जीवन जीने को मजबूर है, इसकी वानगी जब देखने को मिली, जब मीडिया को ग्रामीणों ने ऐसे परिवारों से मिलाया, जो प्रधान और सरकारी कर्मचारियों के चक्कर काट-काट के थक गए, लेकिन आज तक उन्हें कोई भी सुविधा नहीं मिली। इसी कड़ी में वालेहा पुत्री मौहम्मद अहमद ने बताया और दिखाया किस प्रकार कच्चे व जर्जर हो चुके मकान में डर-डर कर जिन्दगी गुजार रहे है। आज यह मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। कच्ची मिट्टी का बना हुआ है, बरसात के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं यासीन पुत्रा समीद, मलखान, कलसुम, इरफान, फैजान, अमीना आदि ने बताया कि उन्हें ग्राम प्रधान द्वारा कोई भी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र होने के बावजूद नहीं दिलाया जा रहा है। ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 7 के सदस्य दीपक कुमार ने भी सीधे तौर पर प्रधान के जेठ अमित कुमार व प्रधान प्रतिनिधि आलोक पर काम न कराने और भेदभाव का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने राशन डीलर योगेश पर भी सही रूप में राशन नहीं देने का आरोप लगाया।
वहीं दूसरी ओर प्रधान पति मनीष ने बताया कि जितने मकान आ रहे है, वे पात्रों को ही दिए जा रहे है और किसी प्रकार का भेदभाव नही किया जा रहा है। वही प्रधान प्रतिनिधि आलोक कुमार ने ग्राम प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि उन पर लगाये गए सभी आरोप झूठे है। सभी पात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, पांच अल्पसख्यकों के नाम मकान बनवाने हेतु शासन को भेजे गए है और जब भी शासन से कोई स्कीम आयेगी पात्रों को लाभ अवश्य पहुंचाया जायेगा। सोलर लाइट के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि चौपले पर लाइट लगवाई थी, लेकिन उसकी बैट्री चोरी कर ली गयी, जिसकी रिपोर्ट भी थाने में लिखवाई गयी थी, इसीलिए उस लाइट को दूसरी जगह लगाया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही दूसरी जगह लाइटे लगवाई जायेंगी। कुल मिलाकर ग्राम चुड़ियाला में अधिकांश परिवार बिना छत, बिना प्रकाश, बिना शौचालय के अपना जीवन व्यतीत कर रहे है, जिनकी सुध लेने वाला शायद कोई नहीं है, लेकिन आपको बताते चले की ये गांव डॉ. यशवंत का गांव है, जो प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चके है और वर्तमान में केंद्र सरकार में भी सांसद है, फिर भी बताया गया कि यहां 95 फीसद परिवारों की आर्थिक स्थिति दयनीय है। सैंकड़ो लोगों के साथ उनके भाई केनेडी ने भी पात्रों को शीघ्र लाभ पहुंचाने की शासन से मांग की और मौजूदा प्रधान को भेदभाव छोड़कर सही कार्ये करने की नसीहत भी मीडिया के सामने दी। आज इस जर्जर मकान की दीवार खिसकने से वाले हैं का परिवार खुले में रात गुजारने को मजबूर है घर का सामान बाहर रखा हुआ है। दहशत छाई हुई है, लेकिन कोई भी ग्राम प्रधान या प्रतिनिधि समाचार लिखे जाने तक मौके पर नहीं पहुंचा है। ग्राम वासियों की जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी से मांग है कि पात्रों को शीघ्र ही शासन की योजनाओं का लाभ मुहैया कराया जाए, ताकि कई परिवारों की जिंदगी बच सके।

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