पर्यावरण के संतुलन को वृक्षारोपण जरूरीः मण्डलायुक्त

पर्यावरण के संतुलन को वृक्षारोपण जरूरीः मण्डलायुक्त

मुजफ्फरनगर। मण्डलायुक्त दीपक अग्रवाल ने निर्मल हिण्डन परियोजना के अन्तर्गत ग्राम महरजना रियावली घाट में वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमे पर्यावरण को सन्तुलित रखने के लिए हिण्डन के किनारे गांवों में 5 किलोमीटर की परिधि में वृक्षारोपण करना होगा, जिससे हिण्डन और उसकी सहायक नदियां निर्मल हो सके। उन्होंने कहा कि हमें अपनी प्रवृति पर अंकुश लगाना होगा कि नदियों और जल स्रोतों में कूडे कचरा न डाले। उन्होंने कहा कि नदियों को निर्मल रखने के लिए नदी के किनारे बसे अधिकांश गांवों को ओडीएपफ हो चुके है और शेष बचे ग्रामों को शीघ्र ही खुले में शौचमुक्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि 45000 हजार वृक्षारोपण के लिए लक्ष्य मिला है, वह तो पूर्ण किया ही जायेगा, साथ ही एनजीओ एवं ग्राम प्रधान तथा अन्य ग्रामीण लोग भी अधिक से अधिक वृक्ष लगाये। उन्होंने कहा कि इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि पौधों की सुरक्षा बच्चों के समान करना सुनिश्चत किया जाये, जिससे वे पुष्पित और पल्लिवित हो सके। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पहले पानी की समस्या नहीं देखी अब देख रहे है। पहले हम तालाब, कुआंे और नदियों का पानी पीते थे, क्योंकि पानी सापफ रहता था, प्रकृति का दोहन नहीं होता था। जब से आदमी अपने विकास विज्ञान की ओर बढा है, उतने ही तालाब, नदियां व पर्यावरण दूषित हुआ है। पेडों के अत्याधिक कटान से अक्सीजन आदि की समस्या निकट भविष्य में भयंकर रुप ले लेगी। उन्होंने कहा कि हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमको पानी मोल लेकर बोतलों में पीना पडेगा। हम मानव है हमंे जन्तुओं के ज्ञान के मामले में उनसे ऊपर है। पृथ्वी पर जीवन, हवा और पानी के कारण ही है। पहले सब जगह पेड, पौधे और चारों तरफ पेडों की हरियाली नजर आती थी, जो मानव के विकास के साथ पेडों के अन्धाधुन्ध कटान के कारण दैवी आपदायें आती है। हमें अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना होगा। हमको नदियों में गन्दा पानी डालने व पेडों के अवैध कटान से बचना होगा और प्रत्येक व्यक्तियों पर्यावरण बचाव के लिये पेड लगाने होंगे। सभी लोग अपने पेडों की मेढ के पास पेड लगाये। हम सभी को समाधान खोजना जरुरी है। प्रकृति के साथ छेडछाड से बचना चाहिये। मण्डलायुक्त ने लोगों का आहवान किया कि वे अपने गांव को खुले में शौच से मुक्त कराये, जितने भी पेड लगाये उसकी रक्षा करें। उर्वरकों को रासायनिक खादों का कम से कम प्रयोग करे। खेत की मिट्टी का मृदा परीक्षण कराकर ही उसका प्रयोग करें और गोबर की खाद व काम्पोस्ट खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करें। हम सभी हिण्डन नदी को दूषित न करें उसको प्रदूषणमुक्त पेड़ लगाकर करें उसमें गन्दगी न डाले। वृक्षारोपण करने से पर्यावरण ठीक होगा और भूमि पर अवैध कब्जा नहीं हो पायेगा। हमको जल संरक्षण के उपाय करने होंगे। इस अवसर पर विधायक उमेश मलिक, वन संरक्षक सहारनपुर, एसडीएम बुढाना डीएफओ, उप निदेशक कृषि सहित गणमान्य लोग, ग्राम प्रधान व ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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