एनटीईसी की खराबी खड़ा कर सकती है बखेड़ा

एनटीईसी की खराबी खड़ा कर सकती है बखेड़ा

मुजफ्फरनगर। जो रेलवे विभाग अपनी सेवाआंे को लेकर हरदम अपनी पीठ थपथपाता रहता है। उसकी कार्यप्रणाली देखिये कि जिस सिस्टम से सीधे-सीधे जनता जुड़ी है, उसे सही कराने में महीने लग रहे हैं। रेलवे अधिकारियों की इस प्रकार की ढीली कार्यप्रणाली कभी भी मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर बखेड़ा खड़ा करा सकती है। लगभग एक माह से अधिक समय होने को है ट्रेनों के बारे में जनता को सही जानकारी देने के लिए स्टेशन पर पूछताछ केंद्र पर लगाये गये एनटीईएस (नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम) को खराब हुए, लेकिन बार-बार बताने के बाद भी रेलवे के उच्चाधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। कर्मचारी बेचारे किसी प्रकार से मोबाइल आदि से जुगाड़ करके ट्रेनों के आगमन आदि की जानकारी जनता को उपलब्ध करा रहे हैं। कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें हर समय यह भय सताता रहता है कि ट्रेनों की जानकारी न मिलने पर कहीं जनता यहंा पर हंगामा आदि न कर दें। इसी भय के चलते वह किसी प्रकार से मोबाइल व फोन आदि के जरिये ट्रेनों जानकारी जनता को उपलब्ध करा रहे हैं। एक बार किसी प्रकार से जुगाड़ कराके सही भी कराया था, लेकिन कुछ ही दिन चल पाया। पिफर से खराब हो गया। इस प्रकार का सिस्टम जो कि सीधे-सीधे जनता से जुड़ा है, जब उसे ही रेलवे के अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते, तो अन्य का कैसे लेते होंगे। यह ढीली कार्यप्रणाली रेलवे अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर एक प्रकार से प्रश्नचिन्ह है। गौरतलब है कि पूछताछ केंद्र पर आने व जाने वाली सभी ट्रेनों की जानकारी देने को रेलवे विभाग की ओर से एनटीईएस (नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम) लगाया गया है। जिस पर देखकर पूछताछ कंेद्र पर बैठा रेलवे का कर्मचारी ट्रेनों के आगमन आदि की जानकारी देता है।

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