डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सजा को लेकर बना रहा तनाव...पूरा दिन चौकन्नी रही मुजफ्फरनगर में पुलिस

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सजा को लेकर बना रहा तनाव...पूरा दिन चौकन्नी रही मुजफ्फरनगर में पुलिस

मुजफ्फरनगर। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसा को साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद आज रोहतक जेल में ही लगी सीबीआई कोर्ट ने 10 वर्ष की सजा सुनाये जाने के कारण जिले में पूरा दिन तनाव की स्थिति बनी रही। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों व उनके समर्थकों को लेकर पुलिस-प्रशासन बेहद चौकन्ना रहा और कडी निगरानी रखी। हालांकि जिले में कोई अप्रिय घटना घटित न होने से पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। डेरा प्रमुख को दोषी करार दिये जाने से लेकर आज सजा होने तक सभी नामचर्चा घर पूरी तरह सुनसान पडे हुए है और उनके अनुयायियों में मायूसी का आलम है। गुरमीत राम रहीम को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच जनपद पुलिस बेहद सतर्क रही। जनपद में डेरा सच्चा सौदा के हजारों अनुयायी है और बाबा को सजा होने के कारण उनमें बेचैनी रही। मेरठ जोन के एडीजी प्रशान्त कुमार के निर्देश पर एसएसपी अनन्तदेव तिवारी ने पुलिस को अलर्ट रखा। खुफिया विभाग भी लगातार ही सक्रिय रहा और हर इनपुट से पुलिस प्रशासन को अवगत कराता रहा। जनपद में कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ बनाये रखने के लिये एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक ली और किसी भी स्थिति से निपटने के लिये पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त के आदेश दिये। विगत 25 अगस्त को बाबा पर फैसला आने के बाद से ही अलर्ट रहे खुफिया विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर बाबा समर्थकों पर कडी निगाह रखनी शुरू कर दी थी, जिन स्थानों पर बाबा के नाम चर्चाघर है, वहां भी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन कोई समर्थक वहां नहीं पहुंचा और नामचर्चा घर सुनसान पडे रहे। हालांकि पहले बताया जा रहा है कि जनपद से दो बसें भरकर पंचकुला के लिये चली थी, लेकिन उन्हें अम्बाला में रोक लिया गया था, जिस कारण बाबा के कट्टर समर्थक जिले से बाहर होने के कारण भी शान्ति बनी रही, लेकिन आज सभी समर्थक अपने-अपने घरों में रहे और केवल टीवी स्क्रीन पर नजर गडाये रहे, जिससे पता चल सके कि सीबीआई कोर्ट बाबा को कितने वर्ष की सजा सुनाती है। सजा सुनने के बाद सभी समर्थकों में बेहद मायूसी छा गयी।
पंचकुला में सीबीआई अदालत द्वारा बाबा रामरहीम गुरूमीत सिंह को बलात्कार का दोषी करार दिये जाने के बाद उनके समर्थकों द्वारा उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती राज्यों में पफैली हिंसा व प्रदेश के शहर लोनी में उपद्रवियों द्वारा एक बस को जलाने की घटना के बाद जनपद में भी हाई एलर्ट घोषित कर दिया गया था। एसएसपी अनन्तदेव तिवारी द्वारा पुलिस गश्त बढा दी गयी थी। मुजफ्फरनगर से भी बाबा रामरहीम गुरूमीत सिंह के अनुयायी हजारों की संख्या में कई दिनों से हरियाणा गये हुए है, जो अब वापस आ गये है, लेकिन वे पूरी तरह शान्त है। विगत 25 अगस्त को पंचकुला व सिरसा में भड़की हिंसा के बाद मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने भी जोन में अलर्ट जारी कर दिया था। एडीजी ने जोन के सभी जिलों नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में अलर्ट जारी कर सभी एसएसपी व एसपी को पफुट पेट्रोलिंग के निर्देश दिये है। कई इलाकों में जहां बाबा राम रहीम के समर्थक है, उन इलाकों में अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है, किसी भी तरह की कोई लापरवाही न बरते। एसएसपी-एसपी थानेदारों को कहा गया था कि स्थिति पर नजर रखे। सहारनपुर से भी पंजाब जाने वाली सभी रेल गाडियां रद्द कर दी गयी थी। इन गाडियों को सुरक्षा के कारण सहारनपुर में ही रोक दिया गया था। हरियाणा के सिरसा में मुख्यालय रखने वाले बाबा राम रहीम गुरमीत सिंह को पंचकुला अदालत द्वारा बलात्कार के मुकदमे में दोषी करार देने के बाद उत्तर प्रदेश के निकटवर्ती राज्यों हरियाणा व पंजाब में पफैली हिंसा के साथ प्रदेश के लोनी शहर में रोडवेज बस को आग के हवाले करने की घटना को मद्देनजर रखते हुए जनपद में एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने हाईअलर्ट करते हुए पुलिस को अपनी गश्त बढाने के आदेश दे रखे थे। इसके साथ एलआईयू व सूचना एजेन्सियों को सर्तक कर दिया गया है। जनपद के एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने बताया कि हमारे जनपद में अभी तक शांति है, फिर भी सतर्कता रखने के आदेश दिये गये है। पुलिस की गश्त बढा दी गयी है और खुपिफया तन्त्रा को भी सर्तक रहने को कहा गया है। पुलिस फोर्स किसी हालात से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि पंचकुला में सन्त राम रहीम पर आए जजमेंट पर सभी चीता सभी चौकियों व थानों को दिशा-निर्देश कि एक्टिव रहे। किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार कोई भी सूचना मिले, तो तुरंत कंट्रोल रुम पर सूचना दे, कोई भी चीता कोई भी लेपर्ड एक जगह खड़ा ना रहे भ्रमण करता रहे। अपने क्षेत्रा में मुजफ्फरनगर पुलिस एक्टिव मोड पर रही। बाबा रामरहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में 10 वर्ष की सजा होने पर भी उनके अनुयायी शान्त रहे, जिससे पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।

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