अभियोजन प्रक्रिया को व्यवहारिक बनायेंः डीएम

अभियोजन प्रक्रिया को व्यवहारिक बनायेंः डीएम

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देश दिये कि अभियोजन प्रक्रिया को चुस्त-दुरूस्त व व्यवहारिक बनायें, ताकि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को कठोर सजा दिलाई जा सके तथा अन्य आपराधिक तत्वों में दहशत बनी रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियोजन प्रक्रिया को गतिमान करने के लिए जिला स्तर पर समन्य समितियों की नियमित बैठकें भी आयोजित करें व एसपीओ अपने स्तर पर भी सप्ताह में नियमित बैठक में वादों की समीक्षा करें।
जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी आज कलैक्ट्रेट सभागार में मासिक अभियोजन प्रक्रिया की समीक्षा कर रहे थे। जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं को कडे निर्देश दिये कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोग सलाखों के पीछे नजर आने चाहिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी प्रकार के वादों में प्रभावी पैरवी करें, तभी बदमाश व गुण्डा तत्व जेल में पहुंचेगें। उन्होंने कहा कि शासकीय अधिवक्ता वाद की तिथि से पूर्व अपने केसों की भली प्रकार अध्ययन अवश्य करें तथा अपने गवाहों पर भी नजर रखें, गवाह किसी के बहकावे या लालच में न आयें। जिलाधिकारी ने कहा कि बदमाशों की किसी भी स्तर पर जमानत न हो ये तभी सम्भव है, जब वादों की प्रभावी पैरवी होगी। उन्होंने कहा कि आपराधिक तत्वों को अधिकाधिक सजा दिलवायें, ताकि अन्य लोग भी भयभीत हो जायें व उन पर कानून का मजबूत शिकंजा कसने की जरूरत है, तभी जिले में अपराध का ग्राफ नीचे आयेगा। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के वादों में गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चत कराई जाये।
जिलाधिकारी ने कहा कि गम्भीर वादों के सम्बंध में यदि कोई समस्या आती है, तो एसएसपी से सम्पर्क किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि सम्बन्धित थानों से भी सम्पर्क कर वादों के निस्तारण में सहयोग लिया जा सकता है, हर स्थिति में बदमाश व गुण्डातत्व जेल में नजर आने चाहिये। जिलाधिकारी ने कहा कि आपराधिक तत्वों के हौंसले तभी पस्त होंगे, जब शासकीय अधिवक्ता प्रभावी पैरवी करेंगे, बदमाश व गुण्डा लोगों की जमानत न होने दें। जिलाधिकारी ने शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि किन अदालतों में कितने वर्षो से मुकदमें लम्बित है तथा उनकी सूची उपलब्ध करायें।
जिलाधिकारी ने उपस्थित आईओ को कडे निर्देश दिये कि अपने अपने आवंटित केसों मे प्रभावी कार्यवाही करें। पीडित और गवाहों से जाकर मिले तथा साक्ष्य जुटाये, ताकि शीघ्र ही आपराधिक प्रवृति के लोग सलाखों के पीछे नजर आये। उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं से कहा कि गवाही के समय गवाह के साथ आईओ व पुलिस न होने पर तत्काल सूचित करें। गवाह को पुलिस सुरक्षा तत्काल उपलब्ध कराई जायेगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन, समस्त एसडीएम, आईओ तथा एसपीओ सहित शासकीय अधिवक्ता उपस्थित थे।

Share it
Top