राष्ट्रपिता व प्रधानमंत्री के सपने को करना है साकारः आंचल

राष्ट्रपिता व प्रधानमंत्री के सपने को करना है साकारः आंचल

मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आंचल ने कहा कि आज हम भारत छोडो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ मना रहे है। उन्होंने कहा कि आज हम सभी को कंधे से कंधा मिला कर विकास के कार्यो में जुटना है और भारत को 2022 की और ले जाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्राी एवं महात्मा गांधी ने जो स्वच्छ भारत का सपना देखा था उसकों पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि हम देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और एक स्वच्छ एवं सशक्त भारत का निर्माण करने में योगदान दें। उन्होंने भारत छोडो आंदोलन के सम्बन्ध में विस्तार से बताते हुए क्रांतिकारियों को याद किया और बताया कि कितने संघर्ष के बाद हमें यह आजादी हासिल हुई। उन्होंने कहा कि हमें इस आजादी को अक्षुण बनाये रखना है।
जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी की गरिमामयी उपस्थिति में जिला पंचायत के चौधरी चरण सिंह सभागार में भारत छोडो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि देश को बडे संघर्ष के साथ आजादी मिली। उन्होंने कहा कि 1942 का भारत छोडो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष का एक ऐसा क्रांतिकारी काल रहा, जिसमें अंग्रेजी राज के विरूद्ध भारत के जनमानस को निर्णायक संग्राम के लिए खडा होना पडा। उन्होंने कहा कि गंाधी के आहवान पर लाखों भारतवासी करो या मरो के मंत्रा पर अपने जीवन को जंग-ए-आजादी के लिए आहूत करने के लिए अपने घरों से निकल पडें। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में नौजवानों की संख्या सर्वाधिक रही। उन्होंने कहा कि 1857 के बाद आजादी के लिए चलाये जाने वाले सभी आंदोलनों में सन् 1942 का भारत छोडो आंदोलन सबसे विशाल आंदोलन था और इस आंदोलन से ब्रिटिश राज की नींव पूरी तरह से हिल गयी थी। उन्हें आभास हो गया था कि अब भारत में रह पाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि 1942 का भारत छोडो आंदोलन अगस्त क्रांति के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन में जनमानस की विशाल पैमाने पर भागीदारी के कारण यह आंदोलन क्रांति में तब्दील हो गया। उन्होंने कहा कि अगस्त क्रांति के शहीदों को बलिदान व्यर्थ नहीं गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि 9 अगस्त 1942 को देश के बडे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हेें जेलोें में डाल दिया। इसके बाद आंदोलन का नेतृत्व जनता में खुद संभाला। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की खासियत यह रही की इसमें युवाओं को अपनी ओर आकर्षित किया, जब विश्व युद्ध समाप्ति की और था, तक जून 1944 में गांधी जी को रिहा किया गया था। उन्होंने बताया कि इस प्रकार वर्ष 1947 में भारत आजाद हुआ। जिलाधिकारी ने सभागार में उपस्थित विशाल जनसमूह को संकल्प दिया कि हम 2022 तक नये भारत के निर्माण का संकल्प लेते है और भारत को स्वच्छ रखेंगे। गरीबीमुक्त भारत का निर्माण करने में अपनी भागीदारी निभायेंगे तथा सभी मिलकर सम्प्रदायवाद मुक्त भारत का निर्माण करेंगे और एक ऐसा भारत बनायेगें जो आतंकवाद मुक्त हो और जातिवाद से मुक्त हो। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों तथा ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों को संकल्प दिया कि अपने गांव को उन्नत गांव बनायेंगे और अपने ग्राम पंचायत के प्रति दायित्व का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि देश एवं प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि 2022 तक हर गरीब को घर मिले और हर हाथ को कुशल बनाये, हर गांव को वृक्षों से अच्छादित करेंगे तथा 2022 तक हर गांव में सड़क पहंुंचायेंगे, यह संकल्प लिये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर गांव में स्वयं सहायता समूह का गठन करेंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनायेंगे। उन्होंने कहा कि आज हम सभी को यह संकल्प लिये जाने की भी आवश्यकता है कि 2022 तक मिशन अन्त्योदय को सपफल बनायेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि अभी हमें लडाई लडनी बाकी है और यह संकल्प लिये जाने की जरूरत है कि हमें अभी किन योजनाओं में आगे बढने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, अशिक्षा तथा मातृ मृत्यु दर के क्षेत्रा में अभी कापफी प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर इस आंदोलन को आगे बढाना है, तो जिस क्षेत्रा में भी हम है उस क्षेत्रा में जो हमारा रोल है उसे हम आगे आकर और आगे बढायें। उन्होंने कहा कि जो भी योजनाएं संचालित है, उनकी मॉनिटरिंग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम शहर और गांवों को स्वच्छ बनाये यदि गांव, शहर स्वच्छ होंगे, तो बीमारियां नहीं होगी और एक स्वस्थ्य भारत के निर्माण में योगदान करें। उन्होंने कहा कि ग्रामों के प्रवेश द्वार पर कूडे के ढेर न लगाये जाये, गोबर एवं कूडा आदि खाद के गड्ढो में ही डाले। जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत बिना धनराशि प्राप्त किये तीन ग्राम प्रधानों द्वारा बडी संख्या में शौचालय निर्मित कराये जाने, उनका उपयोग किये जाये तथा ग्रामवासियों को जागरूक करने की गांव को खुले मंे शौच से मुक्त रखा जाये, जैसे उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रमाण पत्रा प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा अन्य ग्राम प्रधानों को भी यह संदेश दिया कि वह भी अपने गांवो को ओडीएफ कराये, जिससे कडी मेहनत की कमाई चिकित्सकांे को न देनी पडे और ग्रामवासी स्वस्थ रहे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, एएमए श्रीमती नूतन शर्मा, जिला विकास अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी एवं जिला पंचायतराज अधिकारी तथा बडी संख्या में जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान आदि उपस्थित रहे।

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