जांच में आंकिक की शैक्षिक योग्यता निकली फर्जी

जांच में आंकिक की शैक्षिक योग्यता निकली फर्जी

मुुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी को ऑनलाईन संदर्भ के माध्यम से प्राप्त शिकायत में संजय कुमार पुण्डीर पुत्र पूरण सिंह निवासी व पोस्ट बिरालसी जिला मुजफ्फरनगर द्वारा अपने शिकायती पत्र 18 जुलाई के द्वारा किसान सेवा सहकारी समिति लि. में कार्यरत आंकिक भोपाल सिंह के शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच कराये जाने सम्बन्धी ऑनलाईन शिकायत प्राप्त हुई थी। जिलाधिकारी ने प्रश्नगत प्रकरण की जांच कराये जाने के निर्देश सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता मुजफ्फरनगर को दिये। प्राप्त शिकायत की जांच सहायक निबन्धक सहकारिता के द्वारा अपर जिला सहकारी अधिकारी तहसील सदर द्वारा करायी गयी। शिकायतकर्ता संजय कुमार पुण्डीर द्वारा अपने लिखित बयान 8 अगस्त में अवगत कराया गया कि भोपाल सिंह आंकिक के नियुक्ति प्रस्ताव तथा हाईस्कूल पास प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाये। निबन्धक के पत्र 18 सितम्बर 2014 के अनुसार आंकिक की शैक्षिक योग्यता इण्टर पास है, जबकि भोपाल सिंह इण्टर पास नही है, और न ही उनके पास आंकिक पद पर नियुक्ति का कोई पत्र है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता द्वारा अवगत कराया गया कि समिति के सचिव द्वारा अपने लिखित बयान में बताया गया कि भोपाल सिंह की नियुक्ति विक्रेता के पद पर सभापति के आदेश 30 जुलाई 1988 को की गयी। उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार अगस्त 1988 से इनकी उपस्थिति दर्ज है। कार्यवाही रजिस्टर के अनुसार संचालक मण्डल की बैठक 8 अप्रैल 1991 के प्रस्ताव संख्या 3 के द्वारा भोपाल सिंह को सहायक आंकिक के पद पर नियुक्ति किये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। सचिव के पत्रा में यह भी बताया कि किसान इण्टर कॉलेज अलीपुर खेडी से वर्ष 1982 मंे हाईस्कूल संस्थागत के रूप में परीक्षा दी थी, जिसमें यह सामान्य गणित में फेेल हुए और सप्लीमेंट्री आयी, जिसकी सत्यता की पुष्टी में प्राचार्य का प्रमाण पत्र भी संलग्न किया है। भोपाल सिंह द्वारा उपलब्ध करायी गयी अंक तालिका के अनुसार 1983 में मदनमोहन मालवीय इण्टर कॉलेज से व्यक्तिगत छात्र के रूप में सामान्य गणित में 34/100 अंको से परीक्षा उर्त्तीण की, जिसके आधार पर इनकी शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल है।
जांच के दौरान भोपाल सिंह की व्यक्तिगत पत्रावली देखने को नहीं मिली। सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि समिति के कुछ अभिलेख पूर्व सचिव नरेन्द्र कुमार द्वारा चार्ज में नही दिये गये, जिसके सम्बन्ध मेें द्वारा नरेन्द्र कुमार एवं अन्य के विरूद्ध सहायक विकास अधिकारी (सहा0) चरथावल द्वारा 15 अगस्त को पुलिस थाना चरथावल में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा दी गयी है। सचिव के बयान एवं उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये साक्ष्यों की प्रमाणित छायाप्रति एवं प्रधानाचार्य, महामना मालवीय इण्टर कॉलेज, मु0नगर द्वारा की गयी पुष्टि के अनुसार भोपाल सिंह अगस्त 1988 से समिति में कार्यरत है, इनकी शैक्षित योग्यता हाईस्कूल पास है, जबकि अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक (अधि0) सहकारिता उप्र लखनऊ के पत्रांक 18 सितम्बर 2014 के अनुसार आंकिक एवं विक्रेता की शैक्षिक योग्यता इण्टर पास है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता ने अपनी जांच आख्या में अवगत कराया है कि भोपाल सिंह की हाईस्कूल पास है, जबकि अपर आयुक्त एवं अपर निबन्धक, (अधि0) क पत्र के अनुसार आंकिक/विक्रेता की शैक्षिक योग्यता इण्टर पास होनी चाहिए, जबकि उक्त नियुक्ति लगभग 29 वर्ष पूर्व हुई है। समिति कर्मचारियों की नियुक्ति एवं उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही आदि किये जाने के अधिकार समिति की प्रबन्ध कमैटी में निहित है, जिसके क्रम में कार्यालय पत्रांक 845/शिका0सह0 11 अगस्त 2017 के द्वारा प्रकरण में विधिक कार्यवाही किये जाने हेतु प्रबन्ध कमेटी को निर्देश दिये जा चुके है।

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