तीन तलाक के निर्णय पर लोगों की मिली मिश्रित प्रतिक्रिया

खतौली। उच्चतम न्यायालय द्वारा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दलीलों व विरोध के बावजूद तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिये जाने को मुस्लिम समाज ने इसे संविधान प्रदत्त धार्मिक आजादी के विपरीत तथा कुछ ने इसे मुस्लिम महिलाओं को भविष्य में समानता के अधिकार दिलाने के लिये उचित बताया है। गाँव पफुलत स्थित दारुल कजा के मुफ्रती आशिक अली ने तीन तलाक के मुद्दे पर उच्चतम न्यायलय के आदेश को मुस्लिमों की धार्मिक आजादी में हस्तक्षेप बताकर इसका विरोध करने के साथ ही मुस्लिम मर्द व औरतों को शरीयत के मुताबिक जिन्दगी गुजारने का आहवान करते हुए कहा कि ऐसा करने से उनके जीवन में कभी कोई परेशानी नहीं आयेगी तथा वो औरो के लिये मिसाल बनेंगे। व्यापारी मुस्तकीम मुल्तानी के मुताबिक तीन तलाक की समस्या का शरीयत की रौशनी में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यदि समय रहते समाधान खोज लेता, तो आज यह नौबत नहीं आती। मुस्तकीम मुल्तानी ने समस्याओं से निजात पाने के लिये मुस्लिमों से अपने बच्चों को शिक्षित करने का आहवान किया है। सपा नेता शमशाद मलिक ने तीन तलाक के मुद्दे पर भाजपा पर सियासत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश की जनता का ध्यान ज्वलंत समस्याओं से हटाने के लिये भाजपा नये नये हथकंडे अपना रही है। सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन गाँव पफुलत निवासी हापिफज सरवर ने तीन तलाक को उच्चतम न्यायालय द्वारा असंवैधानिक करार देने को इसे शरिया कानून के विपरीत बताया है। भाजपा नेता मदन छाबडा का मानना है कि तीन तलाक पर आया उच्चतम न्यायालय का पफैसला मुस्लिम समाज की महिलाओं को उनके अधिकार व समानता दिलाने के लिये मील का पत्थर साबित होगा। समाज सेविका डा. ज्योति जैन का मानना है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित किये जाने से मुस्लिम समाज की बहनों का सदियों से हो रहा उत्पीडन अब बन्द हो जायेगा, हालांकि ज्योति जैन का कहना है कि किसी समस्या को जड से खत्म करने के लिये कानून बनाने की नहीं, बल्कि आवश्यकता लोगों में जागरूकता लाने की है। दहेज प्रथा व इस जैसी अन्य समस्याओं को रोकने के लिये बने सख्त कानून जागरूकता के आभाव में ही आज औंधे मुँह पड़े हुए है। ब्यूटी पार्लर संचालिका श्रीमती वीना तनेजा का कहना है कि विवाहित जीवन में मुस्लिम महिलाओं के सिर पर हर समय लटकी रहने वाली तीन तलाक रूपी तलवार के अस्तित्व को नकार कर उच्चतम न्यायालय ने सराहनीय काम किया है, जबकि हापिफज मौहम्मद इब्राहिम खलील का मानना है कि भाजपा मन्दिर मस्जिद के बाद तीन तलाक के मुद्दे पर देशवासियों का ध्यान बांटकर सत्ता में लम्बे समय तक बने रहने का षडयंत्रा रच रही है।

Share it
Top