हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे कर्मचारी....सूना पड़ा रहा टिकटघर, स्टेशन पर दूर तक नजर नहीं आये यात्री

हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे कर्मचारी....सूना पड़ा रहा टिकटघर, स्टेशन पर दूर तक नजर नहीं आये यात्री

मुजफ्फरनगर। शनिवार को खतौली में हादसे का शिकार हुई उत्कल एक्सप्रेस के कारण रविवार को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। टिकट घर भी सूना पड़ा रहा। पूरे स्टेशन पर नाममात्र को भी यात्री नजर नहीं आये। जो कोई इक्का-दुक्का व्यक्ति नजर आया, या तो वह वहां से गुजर रहा था या रेलवे का कर्मचारी था। रविवार को मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन को नजारा बदला-बदला नजर आया। पूरे स्टेशन पर एक प्रकार से सन्नाटा पसरा हुआ था। नाममात्र को भी यात्री वहां पर नजर नहीं आया। टिकट घर पूरी तरह से सुनसान नजर आया। वहीं पूछताछ केंद्र पर एक दो व्यक्ति ही नजर आये, वह भी ट्रेनों की जानकारी को लेकर। प्रतीक्षालय भी पूरी तरह से विरान नजर आया। वहां पर एक आध व्यक्ति नजर आया, वह भी यात्राी नहीं था। गौरतलब है कि शनिवार को खतौली क्षेत्र में स्टेशन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर हादसे का शिकार हुई पुरी-हरिद्वार (उत्कल) एक्सप्रेस ट्रेन के कारण दिल्ली-देहरादून-सहारनपुर रेलमार्ग पूरी तरह से जाम हो गया था। जिसके कारण इस मार्ग की सभी आने जाने वाली ट्रेनों को कुछ को तो विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया, कुछ का मार्ग परिवर्तित करते हुए उन्हें संचालित किया गया था। हादसे के कारण इस मार्ग की अप व डाउन सहित लगभग 15 गाड़ियां प्रभावित हुईं थीं। जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। परेशान यात्रियों ने स्टेशन पर अच्छा खासा हंगामा काटा था तथा अपने टिकट वापस किये थे। रात्रि नौ बजे मुजफ्फरनगर स्टेशन पर स्थिति यह थी कि इक्का-दुक्का यात्री ही स्टेशन पर नजर आ रहा था। स्टेशन पर मरघट का सा सन्नाटा पसरा हुआ था। सन्नाटा रात्रि मंे नौ बजकर पांच मिनट पर आयी वापस देहरादून-बांद्रा ने तोड़ा था। इस मार्ग पर काफी समय पहले रक्षाबंधन के आसपास खुफिया एजेंसियों के द्वारा हाईअलर्ट घोषित किया था। जिस पर मुजफ्फरनगर स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ के द्वारा चैकिंग अभियान चलाकर पूरे ट्रैक को छाना गया था। इसके बाद 15 अगस्त के आसपास भी सघन चैकिंग अभियान चलाया गया। देर रात्रि तक लोग अपनी ट्रेनों को लेकर छानबीन करते हुए नजर आये थे।

Share it
Top