हादसे में परिवार को छूकर निकल गयी मौत

हादसे में  परिवार को छूकर निकल गयी मौत

मुजफ्फरनगर। शनिवार को खतौली में स्टेशन से मात्र पांच सौ मीटर की दूरी पर जिस स्थान पर गाड़ी संख्या 18477 पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस (उत्कल) रेल पथ विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की लापरवाही का शिकार हो एक बड़े हादसे का सबब बन गयी। वहीं इसी हादसे में मौत एक परिवार को छू कर निकल गयी। हुआ यूं कि पांच बजकर 47 मिनट पर उत्कल एक्सप्रेस खतौली तहसील परिसर के सामने दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। जिसके चलते उसका एक डिब्बा विनय अहलावत के घर में जा घुसा। जिसके चलते उनके पिता को पैर में चोट लगी। इस बारे में विनय अहलावत (पिंटू) का कहना था कि वह परिवार सहित जिसमें माता-पिता व बहन शामिल है बैठे थे, अचानक ट्रेन का एक डिब्बा अपनी ओर आता हुआ नजर आया। पल भर मंे सब कुछ हो गया, समझ में कुछ भी नहीं आया कि हुआ क्या है। उनका कहना था कि एक्शन फिल्मों में इस प्रकार के सीन तो बहुत देखे थे, लेकिन असल जिंदगी में होते हुए पहली बार देखा। उनका कहना था कि मौत पूरे परिवार को बेहद ही करीब से छू कर निकल गयी। एक आध मीटर और अंदर डिब्बा आ गया होता, तो अनर्थ ही हो गया होता। उन्होंने इसके लिए उपर वाले को धन्यवाद अदा किया। वहीं उन्होंने कुछ यात्रियों के सामान को भी एकत्र करते हुए जीआरपी को सौंपा। इस कार्य में रालोद की महिला विंग की जिलाध्यक्ष पंकज चौधरी ने मदद की। उन्होंने यात्रियों के सामान व मिले पैसों को जीआरपी को सुपुर्द किया। इसमें भी जीआरपी के द्वारा खेल कर दिया गया। रूपये जो कि 12500 एक थे व 6000 एक थे को तो ले लिया, लेकिन सामान को वहीं पर पड़े रहने दिया।

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