मुजफ्फरनगर: आसमान से बरसा सोना, गर्मी से मिली थोड़ी राहत, इंद्र देवता हुए प्रसन्न

मुजफ्फरनगर: आसमान से बरसा सोना, गर्मी से मिली थोड़ी राहत, इंद्र देवता हुए प्रसन्न

मुजफ्फरनगर। शनिवार की भोर जनपदवासियों के लिए खुशखबरी लेकर आयी। जब सभी गहरी नींद में थे, तो उस समय इंद्र देवता ने लोगों को वह सौगात दी, जिसकी वह काफी समय से पल-पल प्रतीक्षा कर रहे थें और वह थी बारिशं भले ही ऐसी न हुई हो, जैसे चाह रहे थे, लेकिन जितनी भी हुई, उसने जनपदवासियों के चेहरों पर प्रसन्नता रूपी हंसी तो ला ही दी। बारिश से यदि जनपद में सबसे अधिक प्रसन्नचित नजर आया, वह था अन्नदाता। अन्नदाता के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। इस बारिश ने पड़ रही भीषण गर्मी से भी लोगों को एक बड़ी भारी राहत प्रदान की।
कई दिनों से पड़ रही आसमानी आग से सभी हर वर्ग परेशान था। यहां तक कि जानवर भी पूरी तरह से हलकान नजर आ रहे थे। इसके साथ ही अन्नदाता कहा जाने वाला किसान सबसे अधिक परेशान था। वह इसलिए था कि उसे अपनी फसल को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं उपलब्ध हो पा रहा था। खासकर उन स्थानों पर जहां पर बिजली के नलकूप आदि नहीं हैं। यदि कहीं पर हैं, तो वहां पर पर्याप्त मात्रा में बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जहां पर केवल राजवाहे व नहर आदि ही सिंचाई के साधन हैं। इस प्रकार के स्थानों पर किसानों के सामने परेशानी यह थी कि उन्हें राजवाहे में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा था, जिसके चलते उनकी फसलें पानी के अभाव में गर्मी के इस मौसम में बर्बाद हो रही थी। इस बारे में जानकारी देते हुए नावला निवासी किसान सतबीर सिंह का कहना कि राजवाहे में इतना पानी नहीं आ रहा था कि खेतों की सही प्रकार से सिंचाई हो सके। डीजल इतना महंगा हो गया है कि उससे सिंचाई करना हर किसी के बस की बात नहीं है। आज की बारिश भले ही थोडी हुई हो, लेकिन यह किसी भी वरदान से कम नहीं है हमारे जैसे छोटे किसानों के लिए। यह बारिश किसानों के लिए आसमान से बरसा सोना है। इसके साथ ही बारिश ने पड़ रही भीषण गर्मी से भी राहत दी। लोगों को कहना था कि वैसे तो मानसून आने मे कम ही समय शेष रह गया है, लेकिन इस छोटी सी बरसात ने थोड़ी बहुत राहत तो प्रदान कर ही दी।

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