विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम...अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का वेतन रोकने व प्रधानाचार्य आईटीआई को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश

विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम...अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का वेतन रोकने व प्रधानाचार्य आईटीआई को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी जीएस प्रियदर्शी ने आज विकास भवन सभागार में आयोजित विकास कार्यो की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यो मे किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। अगर कोई अधिकारी शिथिलता बरतेगा तो सम्बन्धित के विरू( कडी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी अधिकारी राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्रा व्यक्तियों तक पहुंचायें। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में किये जा रहे विकास/निर्माण कार्यो का निरीक्षण वे स्वंय करेंगे, यदि कार्य में किसी प्रकार की कमी पायी जाती है, तो मौके पर ही सम्बन्धित के विरूद्ध कडी कार्यवाही करेंगे। उन्होंने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को विभागीय कार्यो में उदासीनता बरते पर प्रतिकूल प्रविष्टि व वेतन रोकने के निर्देश दिये, साथ ही प्रधानाचार्य आईटीआई को बैठक मे उपस्थित न होने पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिये।
जिलाधिकारी ने विकास कार्यो के धीमी गति पर कडी नाराजगी व्यक्त करते हुए कडे निर्देश दिये कि विकास कार्यो की शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आगामी विकास कार्यो की बैठक से पहले विकास कार्यो की आख्या प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि अगर विकास कार्यो में किसी भी प्रकार की शिथिलता मिली, तो सम्बन्धित अधिकारी कडी कार्रवाही के लिए तैयार रहे। गडबडी करने वालो को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जायेगा। सम्बन्धित अधिकारी की रिपोर्ट कार्रवाही हेतु तत्काल शासन को प्रेषित कर दी जायेगी।
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देश दिये कि निर्माणाधीन भवनों/अन्य विकास योजनाओं को समय सीमा के अन्तर्गत पूर्ण करें तथा निर्माण में लगायी जा रही सामग्री की गुणवत्ता उच्च कोटि की हो। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि निर्माण कार्यो में मानक के अनुसार सामग्री का प्रयोग करें। उनके द्वारा किये जा रहे कार्य की गुणवत्ता की जांच अन्य एजेन्सियों से कराई जायेगी। गुणवत्ता की जांच में यदि कोई कमी उजागर होती है, तो सम्बन्धित कार्यदायी संस्था/विभागीय अधिकारी का उत्तर दायित्व निर्धारित करते हुए कडी कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी मौके पर जाकर विकास कार्याे की गुणवत्ता की जांच करेंगे, यदि कमी पायी जाती है, तो शासन को सम्बन्धित एजेन्सी को ब्लैक लिस्ट करने के लिए रिपोर्ट प्रेषित कर दी जायेगी। जिलाधिकारी ने सडकों को गड्ढा मुक्त किये जाने के सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता पीडब्लयूडी को पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आइजीआरएस के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों का समय से निस्तारण किया जाये। सभी अधिकारी प्राप्त होने वाली शिकायतों का तीन दिन के भीतर निस्तारित करें। उन्होंने कहा प्रतिदिन पोर्टल खोलकर देखे और अपने पफील्ड आपिफसर को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजे और शिकायतकर्ता से बात भी करें तथा उनकी शिकायत का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करते हुए यह भी सुनिश्चित करें कि वह शिकायत के निस्तारण से संतुष्ट है। उन्होंने बताया कि दो विटनेस के हस्ताक्षर भी प्राप्त किये जाये तथा फोटोग्राफ करा लिये जाये, यदि शिकायतकर्ता को लाभ देय है, तो उसे लाभ देकर आख्या प्रस्तुत करे। उन्होंने सभी विभागों में ई-टेण्डरिंग कराये जाने, शिक्षा की स्थिति एवं शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी मौजूद थे।

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