समस्याओं के निस्तारण को कॉल सैन्टर की जाये स्थापनाः एडीएम-एफ

समस्याओं के निस्तारण को कॉल सैन्टर की जाये स्थापनाः एडीएम-एफ

मुजफ्फरनगर। अपर जिलाधिकारी वि/रा सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बैंक समन्वयकांे को सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये थे, किन्तु आज बैठक में उनके द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही न किये जाने तथा कोई सूचना उपलब्ध न कराने के कारण बैंक समन्वयकों चेतावनी दिये जाने के निर्देश गये। उन्होंने कहा कि सभी समन्वयक अपनी समस्त शाखाओं के लाभान्वित होने वाले कृषकों के आधार कार्ड एकत्रित कर ले तथा कल आयोजित बैठक में सूचना प्रस्तुत करें। अपर जिलाधिकारी ने शासनादेश के अनुसार फिल्टर से सम्बन्धित सूचनाओं के समस्त प्रपत्र समन्वयकों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये और निर्देशित किया कि प्रतिदिन प्रपत्रों पर सूचना उपलब्ध करायी जाये। अपर जिलाधिकारी वि/रा आज यहां कलैक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में तहसीलदारों, बैंकों के जिला समन्वयकांे एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ फसली ऋण मोचन योजना की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। अपर जिलाधिकारी ने समन्वयकों को सीएससी सैन्टरों की सूची उपलब्ध कराते हुए निर्देश दिये कि जिन कृषकांे के आधार कार्ड उपलब्ध नहीं हुए है। उनके आधार कार्ड री-जनरेट कराये। अपर जिलाधिकारी ने 10 बडे बैंक- पंजाब नेशनल बैंक, एसबीआई, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक, ओबीसी बैंक, पंजाब एण्ड सिंध बैंक, यूनियन बैंक तथा सेन्टल बैंक, इलाहाबाद बैंक एवं यूको बैंकों के जिला समन्वयक को कृषकों की समस्याओं/जिज्ञासाओं के समाधान हेतु कॉल सैन्टर स्थापित कर नम्बर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये गये थे, किन्तु उनके द्वारा जिलाधिकारी के आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया। अपर जिलाधिकारी ने इन सभी बैंक समन्वयकों को चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि कल आयोजित समीक्षा बैठक में स्थापित कॉल सैन्टर के नम्बर उपलब्ध कराये। अपर जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलदारों को निर्देश दिये कि ऋण मोचन हेतु जो प्रथम सूची प्रेषित की गयी है, उसमें ऋणी कृषक के भूमि के अंश का निर्धारण करते हुए यदि किसी कृषक के बैंक एवं भूलेख के अभिलेखों में भिन्नता/कोई कृषक मृतक है। यदि कोई कृषक 2 हैक्टेयर से अधिक भूमि का स्वामी है, की सूचना तैयार का दो दिन के अन्दर जिला स्तरीय समिति के समुख्य प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में उदासीनता न बरती जाये और प्राथमिकता पर इस कार्य को ढंग से करना सुनिश्चित करें, जिससे जिला स्तरीय समिति द्वारा निर्णय लेकर डिजिटल हस्ताक्षर से डाटा लॉक किया जा सके। अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये कि लेखपालों से कृषकों से )ण मोचन योजना के अन्तर्गत लिये जाने वाले स्वः प्रमाणित घोषणा पत्रा के साथ-साथ कृषक के बैंक एवं भू-लेख के अभिलेखों में भिन्नता, यदि कोई कृषक मृतक है, दो हेक्टेयर से अधिक भूमि का स्वामी है, की सूचना भी प्राप्त कर उपलब्ध कराये। उन्होंने कहा कि उक्त कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमित प्रकाश में आती है, तो इसका उत्तरदायित्व सम्बन्धित कार्मिक का होगा। बैठक में समस्त तहसीलदार, बैंकों के जिला समन्वयक, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्यगण भी उपस्थित रहे।

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