हाईवे पर थमने का नाम नहीं ले रहा दुर्घटनाओं का सिलसिला

हाईवे पर थमने का नाम नहीं ले रहा दुर्घटनाओं का सिलसिला

पुरकाजी। पुरकाजी बाईपास फलौदा से भूराहेड़ी तक 7 किमी. में बना हुआ है। अफसोस यह है कि बाईपास पर निर्माण कार्य चलते करीब पांच वर्ष हो चुके है, इसके बावजूद भी बाईपास पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। अंजाम यह हो रहा है कि आयेदिन कोई न कोई सड़क हादसे का शिकार बनता रहता है। चार दिन पूर्व पुरकाजी के गांव सलेमपुर निवासी आकाश पुत्र नेपाल अपने साथी संदीप के साथ गुरूकुल से अपनी आल्टो कार में सवार होकर बाईपास के रास्ते घर लौट रहा था। खेड़ादरवाजा पुल के समीप कार का संतुलन खराब और कार एक ट्रेक्टर से जा टकराई। कार टकराने के बार विपरीत दिशा में करीब 20 फुट नीचे खाई में जा गिरी, जिसमें युवक की मौके पर ही मौत हो गई। दस दिन पूर्व पुरकाजी थाने में एक वर्ष पूर्व तैनात रहे दरोगा अजादार हुसैन को विपरीत दिशा से आ रही कार से टक्कर मार दी, जिनकी उपचार के बाद मौत हो गई। ऐसे ही बाईपास पर प्रतिदिन दुघर्टना होती है। कारण है कि बाईपास का आधा अधूरा पडा निर्माण कार्य फलौदा से भूराहेडी तक अभी निर्माण कम्पनी ने स्थाई तौर पर डिवाईडर नहीं बनाए है और न ही कोई संकेतक लगाए है, जिससे वाहन चालकों को पूर्व में संकेत प्राप्त हो सके। परिणाम यह होता है कि रात में वाहन चालक सड़क दुघर्टना का शिकार होते है। बाईपास पर दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा सबब निर्माणाधीन पूल पर डिवाईडर, अतिरिक्त मोड़ और सड़क किनारें ऐसे किसी भी संकेतक को नहीं लगाया जा सका है, जिससे चालकों को वाहन चलाने में लाभ मिल सके। आधा अधूरे पड़े हाईवे पर हजारों से ऊपर वाहनों को प्रतिदिन गुजरना होता है। वीआईपी से लेकर बड़े बडे़ मंत्री, अधिकारी गुजरते है, लेकिन पुरकाजी बाईपास पर किसी भी अधिकारी या मंत्री की नजर नहीं पड़ती है। परिणाम गरीब जनता को भुगतने पड़ रहे है।

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