चार्जशीट से पारस जैन का नाम निकालने पर राजा बाल्मीकि के परिजन हताश

चार्जशीट से पारस जैन का नाम निकालने पर राजा बाल्मीकि के परिजन हताश

खतौली। भाजपा नेता राजा बाल्मीकि की हत्या के नामजद आरोपी पूर्व चेयरमैन पारस जैन का नाम 9 लोगों की गवाही के बाद निवर्तमान सीओ द्वारा मुकदमे से निकालकर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किये जाने की चर्चाये कस्बे में व्याप्त है। दूसरी और रामराज्य लाने के लिये लगातार संघर्ष करने वाले राजा बाल्मीकि की भाजपा सरकार में हत्या होने के बाद राजा की विधवा प्रभादेवी व पिता बाबूलाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से गुहार लगाये जाने के बावजूद न्याय न मिलने से सकते में है। बीती 5 अप्रैल को भाजपा नेता राजा बाल्मीकि की हत्या हौली चौक पर बाईक सवारों ने गोली मारकर कर दी थी। मृतक के भाई राणा प्रताप ने पूर्व सभासद राजू बाल्मीकि के अलावा जेल में पहले से ही बन्द उसके भाई गौरव उर्फ गौरा, पूर्व चेयरमैन पारस जैन के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में मृतक राजा की विधवा प्रभादेवी ने शपथपत्र देकर उपरोक्त के अलावा जीतू व सुधीर धामा पर राजा की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। राजा के परिजनों द्वारा थाने पर हंगामा व प्रदर्शन किये जाने के बाद दबाव में आयी कोतवाली पुलिस ने राजा की हत्या में सपा नेत्राी हसीना बैगम के पुत्रा दानिश व गाँव भभीसा निवासी 50 हजारी बदमाश विपुल खूनी के शामिल होने का खुलासा किया था। पुलिस राजू बाल्मीकि, दानिश, विपुल खूनी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि गौरव उर्फ गौरा पहले से ही जेल में बन्द है। बताया गया कि राजा हत्याकाण्ड की तफ्रतीश कर रहे निवर्तमान सीओ सूक्ष्मप्रकाश ने जांचोपरांत जो चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है, उसमे पूर्व चेयरमैन पारस जैन को नईम अख्तर कुरैशी पुत्र अल्लाहरक्खा, डा. राजेश कुमार जैन पुत्रा ईलमचन्द निवासी गंगा विहार, रजनीश कुमार पुत्र भगवत प्रसाद निवासी जीटी रोड, देवेन्द्र कुमार पुत्र शीतल प्रसाद निवासी बालाजीपुरम, अंकुर जैन पुत्र देवेन्द्र कुमार जैन निवासी राजाराम मंडी, अलित कुमार जैन पुत्र आनन्द प्रकाश जीटी रोड, राहुल कुमार पुत्र सतीश कुमार, कृष्णपाल पुत्र पूरन सिंह निवासी गाँव अन्तवाडा, पंकज कुमार जैन पुत्र सुरेन्द्र कुमार जैन की गवाही पर क्लीनचिट दे दी है। चर्चा है कि निर्वतमान सीओ ने पूर्व चेयरमैन पारस जैन के अलावा दो और जेल न जाने वाले आरोपियों को भी क्लीनचिट दी है। चर्चा है कि पारस जैन के पक्ष में गवाही देने वाले अधिकतर उनके सगे सम्बन्धी है। इसके अलावा पूरी उम्र भाजपा के लिये संघर्ष करने वाले राजा बाल्मीकि की भाजपा सरकार में हत्या होने तथा न्याय के लिये दर दर भटकने से मृतक राजा की विधवा प्रभादेवी व पिता बाबूलाल हताशा में है।

Share it
Top