माईक्रो इरीगेशन तकनीक का लाभ उठायें किसान

माईक्रो इरीगेशन तकनीक का लाभ उठायें किसान

मुजफ्फरनगर। केन्द्रीय राज्यमंत्री जल संसाधन, नदी विकास एंव गंगा संरक्षण संजीव बालियान ने कहा कि जनपद के कई ब्लॉक अब डार्क जोन में पहुंच चुके है और भविष्य में स्थिति अत्यन्त गम्भीर होने वाली है, अगर हमने पानी का अंधाधुंध दोहन ऐसे ही जारी रखा, इस विषय में गम्भीरता से सोचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर पानी के अत्याधिक हो रहे दोहन को रोकने का प्रयास करें और ऐसे विकल्पों का चयन करें। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा पानी खेतों की सिंचाई में उपयोग होता है। कई ऐसे क्षेत्रा है, जहां नहर का पानी नहीं है केवल टयूबवैल आदि से खेतों की सिचाई की जाती है। उन्होने कहा कि हमें फसलों को उनके लायक ही पानी देना होगा और यह तभी संभव है जब हम नई तकनीक की ओर अग्रसर हो। केन्द्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान आज विकास भवन सभागार में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत माईक्रो इरीगेशन प्रोत्साहन बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्री डॉ. बालियान ने कहा कि पानी मानव जीवन के लिए अमूल्य निधि है, लेकिन विश्व में पानी के संसाधन बडी तेजी से समाप्त होते जा रहे है। उन्होंने कहा कि हमे जल को बचाना है, यह तब ही सम्भव है जब हम खुद इसमे पहल करें। उन्होने कहा कि आज के समय में आज पानी को बचाने में नई-नई तकनीकों को सहारा लेना होगा, अन्यथा बहुत देर हो जायेगी। उन्होंने उपस्थित किसानों से कहा कि यह पहल किसान सबसे पहले करनी होगी, क्योंकि सिंचाई में सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि फसल को जितनी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, हम उससे ज्यादा ही देते है। हमें फसलों को उचित मात्रा में ही पानी देना होगा, उनकी सिंचाई करनी होगी। उन्होंनंे कहा कि हमें प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत माईक्रो इरीगेशन प्लान के तहत खेतों की सिंचाई करने की तकनीक अपनानी होगी, जिससे पानी के अत्याधिक दोहन से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि माईक्रो इरीगेशन का मकसद ही पानी बचाना, पैदावार बढाना व उर्वरक की खपत करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना में भारत सरकार किसानों को सब्सिडी देती है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त भार नहीं पडता। उन्होंने कहा कि सरकार से इस योजना का लाभ पाने के लिए किसान जिला गन्नाधिकारी और जिला उद्यान अधिकारी से सम्पर्क कर सकते है।
इस अवसर पर जनपद के कई किसानों जिन्होंने इस योजना के अन्तर्गत इस विधि का लाभ लिया है अपने-अपने अनुभवों से उपस्थित किसानों को परिचित किया। मंत्री डॉ. बालियान ने उपस्थित मिल प्रतिनिधियों, गन्नाधिकारी व कम्पनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि इस योजना के लाभ के लिए तीनों किसानों के बीच जाये और इस विधि की विशेषताएं बतायें। अगर कोई समस्या है, तो इसका समाधान भी करें। उन्होने कम्पनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि सब आपस में बैठकर इस विधि में प्रयोग होने वाली सामग्री की लागत आदि तय कर ले जो कि किसान हित में हो। इस अवसर पर विधायक बुढाना उमेश मलिक, मुख्य विकास अधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल, गौरव टिकैत, भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, जिला गन्नाधिकारी, उप निदेशक कृषि, जिला उघान अधिकारी सहित जनपद के बडी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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