अपने बडबोलेपन के कारण कई बार विवादों में रह चुके हैं विधायक विक्रम सैनी...उद्यमियों की नाराजगी से होगा भाजपा को नुकसान

मुजफ्फरनगर। केन्द्र व प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा अपने चरम पर होने के बावजूद उसके जनप्रतिनिधि अभी भी अमर्यादित व असंयमित भाषा का इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहे है। फैक्ट्री में आग लगवा देने जैसे भडकाउ भाषण देने वाले भाजपा विधायक विक्रम सैनी इससे पहले भी अपने बडबोलेपन के कारण कई बार विवादों को जन्म दे चुके हैं। इस बार मामला कापफी तूल पकड गया और उद्यमियों का भाजपाईयों से सीधा टकराव हुआ, जिसका खामियाजा भाजपा को आने वाले निकाय चुनाव में भी उठाना पड सकता है। उद्यमी इस बात पर अड गये हैं कि जब तक विधायक माफी नहीं मांगेंगे, तब तक भाजपा का बहिष्कार जारी रहेगा। नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल मामले को शान्त करने में जुटे हुए है और भाजपा हाईकमान ने भी विक्रम सैनी पर अपने बयान को लेकर उद्यमियों से माफी मांगने का दबाव बनाया है। खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी द्वारा गत दिवस घासीपुरा में चक्रधर कैमिकल्स एण्ड फर्टिलाईजर्स फैक्ट्री के बाहर किसान के शव को लेकर हंगामा कर रहे ग्रामीणों के बीच पहुंचकर चेतावनी दी थी कि यदि मौके पर डीएम नहीं पहुंचे, तो वे फैक्ट्री में आग लगवा देंगे। सत्तारूढ दल के विधायक द्वारा इस तरह की बात करने पर उद्यमी खासे नाराज है। उन्होंने अपनी नाराजगी रात्रि में ही जाहिर कर दी थी। उद्यमियों ने चेतावनी दी थी कि यदि विधायक विक्रम सैनी ने मापफी नहीं मांगी, तो वह उग्र आन्दोलन करेंगे। आज सुबह जब विक्रम सैनी की तरपफ से कोई मापफीनामा नहीं आया, तो उद्यमियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आदर्श कालोनी में लिंक रोड पर भावना पैलेस में भाजपा की जिला संगोष्ठी आयोजित होने की जानकारी मिलते ही बडी संख्या में उद्यमी वहां पहुंच गये और विधायक विक्रम सैनी के बयान पर कडी नाराजगी जाहिर करते हुए माफी मांगने की बात कही। इसी बात को लेकर वहां हंगामा होने के साथ मारपीट व गाली-गलौच तक की नौबत आ गयी। इतना सब होने के बावजूद भी विधायक द्वारा मापफी न मांगे जाने से उद्यमी बेहद आक्रोश में आ गये और उन्होंने चेतावनी दे दी कि जब तक विधायक माफी नहीं मांगेंगे, भाजपा का बहिष्कार जारी रहेगा। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि उद्यमी वर्ग भाजपा का बडा वोट बैंक है और लगातार भाजपा के पक्ष में ही मतदान करता आया है। आने वाले नगर निकाय चुनाव से पहले इस तरह की घटना होना भाजपा के लिये कोई शुभ संकेत नहीं है, हालांकि इस सबके बीच नगर विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने भागदौड शुरू कर दी और नाराज उद्यमियों की खुशामंद करने लगे। उन्होंने इस सारे प्रकरण से भाजपा हाईकमान को भी अवगत करा दिया है। हाईकमान की तरफ से विधायक विक्रम सैनी पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया है। पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रमापति रामत्रिपाठी व क्षे. संयोजक अरूण वशिष्ठ के सामने भी इतना बडा बवाल होने का संदेश हाईकमान में अच्छा नहीं गया। हाईकमान मुजफ्फरनगर के भाजपा नेताओं से भी इस बात को लेकर नाराज रही कि उन्होंने मामले को कार्यक्रम स्थल से बाहर ही कैसे मैनेज नहीं किया। उद्यमियों का कहना है कि सत्तारूढ दल के विधायक द्वारा फैक्ट्री में आग लगवा देने जैसे बयान देना अनुचित है। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है और उसके जनप्रतिनिधि जिले में अव्यवस्था फैलाने में जुटे हुए है। पहले भी विक्रम सैनी कई बार अजीबो-गरीब बयान देकर विवादों में पफंस चुके है। हर बार उन पर कार्यवाही की तलवार लटकती है, लेकिन कार्यवाही होती नहीं, लेकिन इस बार मामला उल्टा फंस गया। भाजपा हाईकमान नहीं चाहेगा कि उसका सबसे बडा वोट बैंक नाराज हो जाये। इसी कारण विक्रम सैनी पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया है। माना जा रहा है कि जल्दी ही विधायक विक्रम सैनी उद्यमियों से मापफी मांगकर सारे विवाद का पटाक्षेप कर देंगे। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि इस विवाद में एक-दो उद्यमी ऐसे भी है, जो खुद निकाय चुनाव में टिकट की दावेदारी जता रहे है, इसलिए वे भी चाहते हैं कि मामला ज्यादा तूल न पकडे और शीघ्र पटाक्षेप हो जाये।

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