शिक्षामित्रों ने दिया सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम....विधायक उमेश मलिक के घर का किया घेराव

शिक्षामित्रों ने दिया सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम....विधायक उमेश मलिक के घर का किया घेराव

मुजफ्फरनगर। उच्चतम न्यायालय के शिक्षामित्रों के समायोजन पर निर्णय आने के बाद से शिक्षामित्रों का रोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। वह दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को भी कलेक्ट्रेट परिसर में शिक्षामित्रों अनिश्चितकालीन ध्रना जारी रहा। जहां पर शिक्षामित्रों के धरना-प्रदर्शन को अनेक संगठनों की ओर से अपना समर्थन भी दिया गया। धरना-प्रदर्शन के उपरांत शिक्षामित्रों ने शांति मार्च निकालते हुए महावीर चौक पर मानव श्रंखला बनायी। उसके बाद सभी विधायक उमेश मलिक के यहां पर पहुंचे। जहां पर उनके घर का घेराव किया गया तथा उनके लखनउ होने के कारण अपनी मांग संबंध्ी एक ज्ञापन उनकी पत्नी को दिया गया। इस मौके पर शिक्षामित्रों ने राज्य सरकार को खुले अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि दो दिन में अध्यादेश लाकर उनकी मांग नहीं मानी गयी, तो वह रेल रोको आंदोलन को बाध्य होंगे।
शिक्षामित्रों का संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहा आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट में सैंकडों की संख्या में शिक्षामित्र एकत्र हुए और राज्य सरकार व आये निर्णय को लेकर जमकर अपनी भडास निकाली। इस मौके पर चल रहे शिक्षामित्रों के प्रदर्शन को एक ओर जहां अनेक शिक्षा से जुडे संगठनों ने अपना समर्थन दिया, वहीं दूसरी ओर अन्य गेर राजनीतिक संगठनों के द्वारा भी अपना समर्थन दिया गया। ध्रनास्थल पर शिक्षक नेता संजीव कुमार बालियान भी पहुंचे तथा उन्होंने अपने संगठन की ओर से पूरा समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जब भी बुलाया जाएगा, चाहे दिन हो या रात वह तुरंत शिक्षामित्रों के लिए हाजिर होंगे। उन्होंने समर्थन में कल (आज) से सभी विद्यालय बंद करने का ऐलान भी किया। वहीं दूसरी ओर शिक्षामित्रों के ध्रने को उस समय बड़ा बल मिला, जब भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ नेताओं में शुमार किये जाने वाले चंद्रपाल फौजी वहां पर आये और शिक्षामित्रों को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने शिक्षामित्रों को संबंोधित करते हुए कहा कि उनके साथ न्याय नहीं किया गया, वह हर प्रकार से अपने संगठन को लेकर उनके साथ हैं। भारतीय किसान यूनियन हर समय उनके कंध्े से कंधा मिलाकर उनकी लड़ाई में साथ है। जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी सुमित मलिक ने भी ध्रनास्थल पर आकर शिक्षामित्रों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वह शिक्षामित्रों की लड़ाई में हर कदम पर उनके साथ हैं। यदि शिक्षामित्रों के हक के लिए भूख हड़ताल भी करनी होगी, तो वह सबसे आगे रहेंगे। इसके बाद उन्होंने शिक्षामित्रों के आंदोलन में अपनी जान गंवाने वालों के लिए दो मिनट का मौन रखवाया।
इसके बाद दोपहर डेढ़ बजे के आसपास शिक्षामित्रों ने एक राय से बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक के घर का घेराव कर उन्हें ज्ञापन देने का निर्णय लिया। जिसके बाद सभी पंक्तिबद्ध होते हुए व नारेबाजी करते हुए महावीर चौक पहंुचे, उन्होंने गुरूवार की ही भांति मानव श्रंखला बनायी। उसके बाद सभी विधयक उमेश मलिक के यहां पर पहुंचे। जहां पर नारेबाजी करते हुए उनके घर का घेराव किया गया। विधायक के लखनउ होने के कारण उनकी पत्नी रेखा मलिक को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम अपनी मांग संबंधी एक ज्ञापन दिया। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष मुजीबुर्रहमान ने ऐलान किया कि राज्य सरकार को दो दिन का समय दिया गया है कि वह एक अध्यादेश लाकर शिक्षामित्रों को समायोजित करे अन्यथा दो दिन के बाद शिक्षामित्रों द्वारा रेल पथ जाम किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
ध्रना-प्रदर्शन करने वालों में सोनिया सैनी, अंजु, अंशु, अनिल, अंजु, मीनाक्षी, कविता, रूबी, पिंकी, कमलेश, अफसाना, बबीता, मुकेशपाल, कंवरपाल, विनेश कुमार, अनूप कुमार, सुदेश सैनी, यशपाल सिंह, पारूल, विनय कुमार, रजनीश शर्मा, रजनीश, निर्मला सैनी, अजीत सिंह, गीता बालियान, इंद्रपाल, नीरज, खुर्शीद अली, सुबोध्, विनोद राणा, रोहित कौशिक, संजय चंदेल, मोनिका, मोनिका रानी, रीमा कौशिक, एकता रानी, अंजू रानी, सुमन, सुध्ीर बालियान, रूबी त्यागी, पंजाब सिंह, रविंद्र, वीरपाल, जयवीर, धर्मेंद्र आदि उपस्थित रहे।

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