पीसीएस परीक्षा में भोपा के प्रशान्त का हुआ चयन...बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर चयनित होने से परिजनों व क्षेत्रा में हर्ष का माहौल

पीसीएस परीक्षा में भोपा के प्रशान्त का हुआ चयन...बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर चयनित होने से परिजनों व क्षेत्रा में हर्ष का माहौल

मुजफ्फरनगर। उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस परीक्षा के आज घोषित अंतिम परिणाम में प्रशांत कुमार अहलूवालिया का चयन होने से उनके परिजनों व क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। उक्त परीक्षा के आधार पर प्रशांत कुमार का चयन बाल विकास परियोजना अधिकारी के पद पर हुआ है। प्रशांत कुमार मूलतः मुजफ्फरनगर जनपद के ग्राम भोपा के मूल निवासी है। इस सफलता का श्रेय प्रशांत कुमार अपने ब्रह्मलीन दादा चौ. सुरेश कुमार अहलूवालिया के आर्शीवाद व उनके मार्गदर्शन में हुई परवरिश को देते है। इसके अतिरिक्त उनके अनुसार इस सफलता में उनकी दादी श्रीमती प्रेमलता, चाचा प्रणपाल सिंह, चाची श्रीमती पूनम, माता-पिता एवं समस्त परिजनों सहित उनके गुरूजन भूदेव सिंह प्रधानाचार्य, लाला जगदीश प्रसाद इण्टर कॉलेज, मुजफ्फरनगर व अमित मलिक, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र डीएवी कॉलेज, मुजफ्फरनगर का भी विशेष योगदान रहा।
प्रशांत कुमार ने इसके पूर्व कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा वर्ष 2012 में ही उत्तीर्ण कर ली थी व उनका चयन जीएचटी (कैग) मुम्बई में हुआ था, लेकिन आगे पढ़ाई जारी रखने के कारण उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया था। इसके पश्चात प्रशांत कुमार ने समाजशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर के पश्चात यूजीसी द्वारा आयोजित जेआरएफ (नेट) परीक्षा दो बार उत्तीर्ण की। सम्प्रति प्रशांत कुमार एमजेपी, रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है व सिविल सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण करना उनका अग्रेतर लक्ष्य है। प्रशांत कुमार की पारिवारिक पृष्ठभूमि एक कुलीन, संस्कारित व उच्च शिक्षित परिवार की हैं। आपके दादाजी स्व. सुरेश कुमार अहलूवालिया क्षेत्र के ख्यातिलब्ध गणितज्ञ, समाजसेवी व पर्यावरणविद् थे। प्रशांत के पिता डा. धु्रव पाल सिंह, उप्र सचिवालय, लखनऊ में उप सचिव के पद पर कार्यरत हैं। प्रशांत के परिवार में उनकी छोटी बहन शीतल राजकीय महाविद्यालय ट्यूनी, देहरादून में असिस्टेंट प्रोपफेसर है। इनके चाचा व पिता दोनों नेट क्वालीफाइड है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्रशासनिक सेवाओं में कम प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर प्रशांत द्वारा बताया गया कि वृहद अध्ययन, स्तरीय पाठ्य सामग्री व कड़ी मेहनत ही सफलता का मूल मंत्रा है।
प्रशांत अहलूवालिया को इस सपफलता पर शुकतीर्थ पीठाधीश्वर स्वामी ओमानन्द महाराज, जिलाधिकारी गौरीशंकर प्रियदर्शी, एसएसपी मुजफ्फरनगर अनंतदेव तिवारी, शासन प्रशासन के अनेक अधिकारियों, सीओ भोपा मौहम्मद रिजवान, थानाध्यक्ष भोपा विजय सिंह, प्रधानाचार्य भूदेव सिंह, प्रधानाचार्य चौ. छोटू राम पीजी कॉलेज मुजफ्फरनगर डा. नरेश मलिक, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र डीएवी कॉलेज मुजफ्फरनगर एवं क्षेत्रा की गणमान्य विभूतियों मंे संत कुमार शर्मा, डा. वीरपाल निर्वाल, महावीर सिंह राठी, धर्मपाल सिंह राठी, मौ. इजहार अहमद, मौ. शहजाद, जितेन्द्र वर्मा, मौ. दिलशाद अहमद एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमन्त त्यागी आदि द्वारा उन्हें बाधाई, आर्शीवाद एवं भविष्य में उत्तरोत्तर तरक्की हेतु शुभकामनाएं दी गयी। प्रशांत कुमार की इस सफलता से न केवल मुजफ्फरनगर जनपद का गौरव बढ़ा है, अपितु क्षेत्र के युवाओं को भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सफलता प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

Share it
Top