मुजफ्फरनगर: जमीन व घर गिरवी रखना बना फाईनेंसर की मौत का कारण

मुजफ्फरनगर: जमीन व घर गिरवी रखना बना फाईनेंसर की मौत का कारण

खतौली। फाइनेंसर गौरव नागर के हत्यारोपी अब्बास जैदी की निशानदेही पर कोतवाली पुलिस ने आला ऐ कत्ल 315 बोर का तमंचा बरामद करने के बाद आज उसे जेल भेज दिया है। दूसरी और पुलिस व परिजन गोताखोरो की मदद से गौरव के शव की गंगनहर में तलाश करने के लिये सरगर्मी से जुटे हुए है। इसके अलावा चर्चा है कि सगे भाइयों प्रवेंद्र और इन्दर की जमीन व घर अपने पास गिरवी रखना गौरव की मौत का कारण बन है। बीती 21 जुलाई को अचानक लापता हुए ब्याज पर रुपये चलाने वाले गौरव की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। बताया गया कि वर्ष 2011 में सराय गाँव निवासी भाइयो प्रवेंद्र व इन्दर ने अपनी आवश्यकता के लिये पांच बीघा जमीन और पचास गज में बना मकान मृतक के पिता चन्द्रपाल नागर के पास गिरवी रखकर कुछ रूपये ब्याज पर लिये थे। चर्चा है कि मूल व ब्याज की रकम इतनी बढ़ गयी कि दोनों भाई इसे अदा नहीं कर सके। चन्द्रपाल की मौत के बाद गौरव ने फाइनेंस का काम संभाल लिया तथा बडे भाई विनीत ने सेना में नौकरी कर ली। प्रवेंद्र व इन्दर से कर्ज ना अदा होने पर दोनों भाइयो ने इनकी जमीन व घर पर कब्जा लेकर इन्हें आधा आधा बांट लिया था। चर्चा है कि विनीत के यहाँ प्रवेंद्र व गौरव के यहाँ इन्दर नौकरी कर रहा था तथा इनकी तनख्वाह ब्याज में कट रही थी, जिससे प्रवेंद्र व इन्दर दोनों भाइयो से खार खाये हुए थे। बीते दिनों गौरव ने खेती के काम के लिये बुग्गी खरीदने की इच्छा व्यक्ति की तो प्रवेंद्र ने अपने गाँव सराय में एक किसान द्वारा अपनी बुग्गी बेचने की बात बताकर उसकी हत्या का ताना-बाना बुन लिया। प्रवेंद्र व इन्दर ने गाँव निवासी अब्बास व मोनू को गौरव के बैग में ढाई से तीन लाख रुपया हर समय मौजूद रहने की बात बताकर उन्हें गौरव की हत्या करने के लिये तैयार कर लिया। समझौते के मुताबिक गौरव की हत्या के बाद उसके पास से मिलने वाली रकम अब्बास व मोनू में बंटने की बात तय हुई थी। प्लान के मुताबिक प्रवेंद्र ने गौरव को बुग्गी दिखाने के बहाने से सराय बुलाया, जहाँ चारो ने मिलकर गौरव की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव व बाईक नहर में फैंक दी। गौरव के मोबाईल फोन की आखरी लोकेशन गाँव सराये की मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शक के आधार पर प्रवेंद्र को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने गौरव की हत्या का सारा सच उगल दिया। गुरूवार को भी पुलिस व परिजन गोताखोरो की मदद से गंगनहर में गौरव के शव की तलाश करते रहे, किन्तु सफलता नहीं मिली। दूसरी और पुलिस ने आज हत्यारोपी अब्बास जैदी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्ति तमंचा बरामद कर उसे जेल भेज दिया है। गौरव की हत्या से परिजनों में कोहराम मचने के साथ ही गाँव पाल में शोक व्याप्त है।

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