मुजफ्फरनगर: शिक्षामित्रों ने किया आरपार की लड़ाई का ऐलान

मुजफ्फरनगर: शिक्षामित्रों ने किया आरपार की लड़ाई का ऐलान

मुजफ्फरनगर। उच्चम न्यायालय के निर्णय के बाद जनपद के हजारों शिक्षामित्र सड़कों पर आ गये। उन्होंने अपने हक को पाने को लेकर आरपार की लडाई का ऐलान तक कर दिया। जिसके चलते उन्होंने उन स्कूलों में ताले जड़ दिये, जिनका संचालन उनके हाथों में है। शिक्षामित्रों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करते के बाद पैदल शांति मार्च निकालते के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय जाकर वहां पर अपने मांग संबंधी एक ज्ञापन दिया। शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर ताला तक जड़ दिया। गुरूवार को शिक्षामित्रों का धैर्य जवाब दे गया, उनका सब्र का बांध टूट गया। जनपद के लगभग एक हजार से अधिक शिक्षामित्र गुरूवार को प्रातः ग्यारह बजे कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया। जहां पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सैनी ज्ञापन लेने पहुंचे। धरनारत शिक्षामित्रों को संबोध्ति करते हुए रूपेंद्र सैनी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के द्वारा शिक्षामित्रों के समायोजन के खिलाफ जो निर्णय दिया है, वह शिक्षामित्रों के लिए निराशाजनक है। उसके बाद शिक्षामित्रों ने एक राय होकर बीएसए कार्यालय पर ज्ञापन देने के साथ ही साथ वहां पर ताला जड़ने का निर्णय लिया। सभी शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट से शातिपूर्वक पैदल मार्च करते तथा नारेबाजी करते हुए महावीर चौक पहुंचे, जहां पर उन्होंने एक बड़ी मानव श्रंखला बनायी। उसके बाद सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें कार्यालय में जाने से रोका। जिस पर शिक्षामित्रों ने पुलिस बल को हटाते हुए कार्यालय में प्रवेश किया। उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट कुमार भूपेंद्र सिंह व सीओ सिटी हरीश भदौरिया द्वारा उन्हें अंदर बुलाया गया। जहां पर शिक्षामित्रों ने जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने मौके पर आये जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंह यादव को अपनी मांग संबंधी एक ज्ञापन दिया। जिसमें मांग करते हुए कहा गया कि प्रदेश सरकार संविधन में संशोधन कराकर पुनः शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर बहाल करे। ज्ञापन देने के बाद कुछ शिक्षामित्रों ने कार्यालय पर ताला जड़ दिया। शिक्षामित्रों ने बीएसए से कहा कि कुछ शिक्षा अधिकारियों द्वारा उनके मजाक बनाया जा रहा है, जिसे वह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। शिक्षामित्रों ने बीएसए के सामने ऐलान किया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह अपने अधीन सभी लगभग 60 स्कूलों में तालाबंदी जारी रखेंगे। धरनास्थल पर सतीश बालियान, सुबोध, अजीत पाटिल, रोहित कोशिक, संजय चंदेल, अनिल ठाकुर, गीता बालियान, अक्षय कुमार, इंद्रपाल सिंह, एकता रानी, ब्रजपाल सिंह, पंजाब सिंह, नीरज, मोनिका, भारती, राजेश्वरी, कौशरजहां, राजवीर वर्मा, प्रवेज आलम, पुष्पा, रूबी किरण, शालिनी, जसवीर सिंह, राजकुमार गौतम, संजय, सोनू पंवार, इकलेश कुमार, कविता, संगीता चौधरी, सतेंद्र बालियान, विवित्र कुमार आदि सैंकडों शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

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